हिमाचल में करोड़ों का घोटाला: जिस बिना इस्तेमाल हॉस्टल को गिरा रहे थे, उसमें हो रखी है धांधली

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हिमाचल में करोड़ों का घोटाला: जिस बिना इस्तेमाल हॉस्टल को गिरा रहे थे, उसमें हो रखी है धांधली

शिमला: करोड़ों की लागत से बना राजधानी शिमला के ठियोग में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया गया. छात्र कभी रहे नहीं और भवन कमजोर होने की वजह से सरकार हॉस्टल को गिराने जा रही थी. अब मामले में 1.81 करोड़ के घोटाला की खबर सामने आ रही है.

सरकार ने कराई विजलेंस से जांच:

बता दें कि हॉस्टल गिराने की चर्चा शुरू होने के बाद ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लिया और विजिलेंस की दक्षिण रेंज की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई. जांच में पाया गया कि 2017 में निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय में भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। 

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साथ ही पांच मंजिला भवन में खंभों से लेकर दीवारों और बीम तक पर अस्सी से ज्यादा जगह बड़ी दरारें भी पाई गई थीं। इसकी वजह से नए बने भवन का उपयोग भी कॉलेज ने नहीं किया। आईआईटी मंडी की स्ट्रक्चरल सेफ्टी रिपोर्ट में भी निर्माण की गुणवत्ता में कमी की पुष्टि हुई है।

1.82 करोड़ के काम के बदले ऐंठ लिए 2.05 करोड़:

वहीं, भवन निर्माण की जिम्मेदारी हिमुडा कंपनी को दी गई थी. हिमुडा ने हॉस्टल का निर्माण ठेकेदार गिरीश गुप्ता से करवाया था। जांच के दौरान पता चला कि ठेकेदार गिरीश गुप्ता को नेगोसिएशन कमेटी ने डेढ़ साल में हॉस्टल निर्माण करने के लिए 1.82 करोड़ के काम के बदले 2.05 करोड़ दिए, जिसमें 1.95 करोड़ का सिविल वर्क शामिल था। 

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दस्तावेजों में ठेकेदार और हिमुडा के अधिकारियों ने मिलीभगत कर गलत आंकड़े भी दर्ज किए, जिसकी वजह से ठेकेदार को सरकारी खजाने से 1.81 करोड़ का गलत पैसा जारी किया गया। जांच रिपोर्ट में ठेकेदार के अलावा हिमुडा के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के आधार पर ब्यूरो ने मामले में एफआईआर दर्ज भी कर ली है।

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वहीं, खबर यह भी सामने आ रही है कि प्रदेश सरकार इन सभी आरोपियों से सख्ती से निपटने जा रही है. हिमुडा के कुछ अधिकारियों और ठेकेदार पर बड़ी गाज गिर सकती है।

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