ग्रेट खली की मां का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्‍कार; बोले- फिर यही गोद मिले फिर यही मां मिले

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ग्रेट खली की मां का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्‍कार; बोले- फिर यही गोद मिले फिर यही मां मिले


सिरमौर।
हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले प्रसिद्ध डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर और विश्व चैंपियन द ग्रेट खली की माता का बीते कल निधन हो गया। वहीं, देर रात करीब 2:00 बजे अपनी माता का पार्थिव शरीर लेकर सिरमौर जिले के गांव शिलाई उपमंडल के धिराइना नैनीधार पहुंचे। जहां पर आज क्षेत्र के लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। आज दोपहर करीब 2:00 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

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मिली जानकारी के अनुसार खली की माता पिछले काफी दिनों से बीमार चल रही थी। जिस वजह से वे लुधियाना के एक अस्पताल में उपचाराधीन थी। बताया जा रहा है कि वे सांस लेने की दिक्कत के साथ-साथ किडनी की समस्या से भी जूझ रही थीं। इसी के चलते द ग्रेट खली की मां ने बीते कल इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अपनी मां के उपचार के दौरान खली दिन-रात एक कर उनकी सेवा में लगे हुए थे।

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अपनी मां के देहांत पर द ग्रेट खली ने पत्रकारों से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि मैं चाहता हूँ कि फिर यही गोद मिले फिर यही मां मिले। इतना कहकर खली भावुक हो गए। बता दें कि खली के सात भाई तथा एक बहन है। माता टंडी देवी व पिता जवालु राम धिराइना गांव में ही अपने बेटे भगत राणा के साथ रहते थे। डब्ल्यूडब्ल्यूई विश्व चैंपियन बनने के बाद द ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा अपने माता पिता को एक बार अपने साथ अमेरिका भी लेकर गए थे। 

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जहां पर कुछ महीने बिताने के बाद वे उनको वापस गांव छोड़ गए थे। द ग्रेट खली को उनके माता-पिता ने आर्थिक तंगी को झेलते हुए पाला था। खली के परिवार ने ऐसा भी दौर देखा है जब उनके गरीब माता-पिता ढाई रुपए फीस नहीं भर सके थे, जिसकी वजह से उन्हें स्कूल से बाहर कर दिया गया था। इतना ही नहीं उन्हें 8 साल की उम्र में पांच रुपए रोजाना कमाने के लिए गांव में माली की नौकरी भी करनी पड़ी थी। 

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खली अपनी उम्र के साथियों से थोड़ा अलग थे। उनका कद सामान्य बच्चों से ज्यादा लम्बा था। जिस वजह से वे कई बार लोगों के मजाक का पात्र भी बने। इसके बाद उन्होंने तय कर लिया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगे और एक दिन बड़ा आदमी बनकर दिखाएंगे। ग्रेट खली का बचपन काफी गरीबी में गुजरा था। वह काफी मुश्किल से पढ़ लिखकर पंजाब पुलिस में भर्ती हुए थे, इसके बाद रेसलिंग में उतरे व विश्‍व स्‍तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरी दुनिया में खूब नाम कमाया। 

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