गुड़िया केस: ताउम्र जेल में रहेगा नीलू; बोला- मैं बेकसूर, CBI ने फंसाया, फैसले के खिलाफ करूंगा अपील

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गुड़िया केस: ताउम्र जेल में रहेगा नीलू; बोला- मैं बेकसूर, CBI ने फंसाया, फैसले के खिलाफ करूंगा अपील


शिमला।
हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के कोटखाई में बहुचर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस में आखिरकार फैसला हो गया है। चार साल के बाद अब जाकर न्याय का इंतजार खत्म हुआ है और आदालत ने ने दोषी नीलू चरानी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। 

सेशन जज राजीव भारद्वाज की कोर्ट ने दोपहर दो बजे मामले में अपना फैसला सुनाया है। फैसले के दौरान दोषी नीलू भी कोर्ट में मौजूद रहा। ताउम्र दोषी नीलू जेल में रहेगा और कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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सजा के ऐलान के बाद एक मीडिया पोर्टल ने दोषी नीलू से बातचीत की, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया और सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए। नीलू ने कहा कि सीबीआई ने उन्हें डराया-धमकाया है। साथ ही कहा कि घटना के दिन वह कोटखाई में नहीं था। वह शिमला जिले के मढोग में था। नीलू ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगा।

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पत्रकारों द्वारा सवाल किए जाने पर नीलू ने कहा कि सीबीआई के एक अधिकारी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कहा कि जैसे कोटखाई थाने में सूरज की हत्या हुई थी, वैसे ही तुझे भी मार डालेंगे। 

साथ ही नीलू ने कहा कि जब वह रोहड़ू में था तो सीबीआई की टीम उसके पास पहुंची और कहा कि तेरी मां हमारे कब्जे में और तुझ पर मर्डर का केस है। बाद में मुझे जेल में डाल दिया गया। नीलू ने कहा कि वह कभी गुड़िया से नहीं मिला है और सीबीआई ने अपनी कहानी बनाई है। 

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बता दें कि शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर कड़ी सुरक्षा के बीच दोषी को अदालत में पेश किया गया। 2 मिनट चली कार्रवाई में विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने दोषी के सामने सज़ा का एलान किया। बीते 28 अप्रैल को अदालत ने भारतीय दंड संहिता और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नीलू को दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया था।

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