हिमाचलः समय पर नहीं आ सकी एंबुलेंस- जंगल में जन्मा नवजात, क्या यही व्यवस्था है

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हिमाचलः समय पर नहीं आ सकी एंबुलेंस- जंगल में जन्मा नवजात, क्या यही व्यवस्था है


सिरमौरः हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित पच्छाद विधानसभा के क्षेत्र से बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां बागपशोग के काटली गांव की एक महिला ने गुरूवार सुबह जंगल में ही शिशु को जन्म दे दिया। डिलीवरी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा महिला की सास मौजूद थी। इससे पहले परिजनों ने एंबुलेंस को बुलाया था लेकिन वो समय पर पहुंचने में नाकाम रही। 

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हैरानी की बात तो ये है कि जिस पंचायत क्षेत्र से यह मामला सामने आया है उसे देश का पहला शी हॅाट शुरू करने का श्रेय भी हासिल है। इसके बाबजूद गांव मे एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है। इस मामले में कहीं ना कहीं प्रशासन की विफलता दिखाई देती है।

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बता दें कि गुरूवार को सुबह विजय बाला ने 5 बजे के आसपास जंगल में अपने बेटे को जन्म दिया। जंगल में प्रसव के दौरान उसकी सास व एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही मौजूद थीं। हालांकि, ईएमटी व पायलट के पहुंचने से पहले डिलीवरी हो चुकी थी, लेकिन ईएमटी ने मौके को संभाल कर बच्चे के शरीर से नाल को अलग किया। इसके बाद 108 की मदद से दोनों को सराहां अस्पताल पहुंचाया गया। 

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गौरतलब है कि गर्भवती महिलाओं की डीलीवरी को लेकर सूबे में कई योजनाएं भी चल रही हैं। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर ट्रैकिंग भी की जाती है। इसके बावजूद ऐसी स्थिति क्षेत्र में क्यों पैदा हो रही है, इस सवाल का जवाब तो प्रशासन ही दे सकता है। 

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इस मामले पर ग्रामीणों का कहना है कि पानवा-धरोटी संपर्क मार्ग का सर्वे काफी अरसा पहले हो चुका है। मौजूदा पंचायत प्रधान ने ग्रामसभा में इसे प्राथमिकता में डाला है। उल्लेखनीय है कि काटली में अनुसूचित जाति की आबादी है। कई मर्तबा ऐसी खबरें अवश्य मिलती हैं जब 108 में किलकारी गूंजती हैं। मगर मौजूदा आधुनिक समय में इस तरह की खबरें निश्चित तौर पर बेहद ही पिछड़ेपन का अहसास करवाती हैं।

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