उपचुनाव में टिकट: बीजेपी हो कांग्रेस- पारिवारिक उत्तराधिकारियों ने धर्मसंकट में डाला, समझें

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उपचुनाव में टिकट: बीजेपी हो कांग्रेस- पारिवारिक उत्तराधिकारियों ने धर्मसंकट में डाला, समझें

शिमला। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी एकाएक बढ़ सी गई है। एक तरफ बीजेपी के नेता सूबे में होने वाले उपचुनाव से पहले तीन दिन की बैठक कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सूबे के पमुख विपक्षी दल के नेता भी खासे एक्टिव नजर आ रहे हैं और आगामी उपचुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। 

इस सब के बीच दोनों ही दलों को पारिवारिक उत्तराधिकारियों ने टिकट बंटवारे को लेकर ऐसा माहौल बनाया है कि दोनों ही पार्टियां धर्मसंकट में पड़ गई हैं। 

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गौरतलब है कि दोनों पार्टियां तमाम मौकों पर एक दूसरे को वंशवाद को लेकर घेरती रही हैं। लेकिन सूबे की तीन सीटें जिन दिग्गज नेताओं की असामयिक मृत्यु के चलते खाली हुई है, उनके परिवार के सदस्यों ने रिक्त सीट भरने के लिए ताल ठोक दी है। 

फतेहपुर सीट पर कांग्रेस, जुब्बल कोटखाई विधानसभा और मंडी लोकसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा था। ऐसे में दोनों दलों पर परिवार के ही सदस्यों को टिकट देने का दबाव बन गया है।

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फतेहपुर से विधायक रहे सुजान सिंह पठानिया के बेटे भवानी सिंह पठानिया पिछले कुछ समय से सियासी अखाड़े में सक्रिय हैं। मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे रामस्वरूप शर्मा के शांति स्वरूप शर्मा ने भी हाल ही में पार्टी के नेताओं से पिता की सियासी विरासत उन्हें देने की इच्छा जताई है। 

जुब्बल कोटखाई से भाजपा विधायक रहे नरेंद्र बरागटा के बेटे व बीजेपी आईटी सेल के मुखिया चेतन बरागटा के पक्ष में क्षेत्र से आवाज उठनी शुरू हो गई है। ऐसे में दोनों दलों पर अपनी सीट बचाने के साथ अब भावनात्मक रूप से टिकट बंटवारे में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देने का दबाव बन गया है।

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चूंकि, दोनों दल बदलते दौर में सर्वे, नेताओं व अपने सहयोगी संगठनों के फीडबैक के आधार प्रत्याशी तय करते हैं और शांति स्वरूप व भवानी पठानिया अब तक सक्रिय राजनीति से दूर थे, जबकि चेतन बरागटा जुब्बल कोटखाई से ज्यादा शिमला शहर में सक्रिय थे। ऐसे में यह बड़ा सवाल बन गया है कि दोनों ही दल अपनी सियासी नाव को परिवार के सदस्यों के सहारे पार लगाने का फैसला लेते हैं या फिर किसी अन्य को प्रत्याशी बनाते हैं।

कहां किसके नाम है चर्चा में

सूबे की दो विधानसभा सीटों फतेहपुर और जुब्बल कोटखाई के अलावा मंडी लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव होने हैं। मंडी में बीजेपी में शांति स्वरूप, महेंद्र सिंह ठाकुर, ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर, गोविंद ठाकुर और ब्राह्मण चेहरे के तौर पर प्रवीण कुमार शर्मा जैसे नाम चर्चा में है। कांग्रेस में आश्रम शर्मा और ठाकुर सिंह भरमौरी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं। कौल सिंह और वीरभद्र सिंह के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ने से इंकार करते रहे हैं। 

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वहीं, फतेहपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस से भवानी सिंह पठानिया के  नाम आगे है। भाजपा में पूर्व प्रत्याशी कृपाल परमार के अलावा बलदेव ठाकुर का नाम चर्चा में है। जुब्बल कोटखाई में कांग्रेस से रोहित ठाकुर तो भाजपा से चेतन बरागटा का नाम सबसे आगे है। हालांकि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नीलम सरैक, सुशांत देष्टा और प्रज्जवल बस्टा के भी टिकट को लेकर सक्रिय होने से तस्वीर स्पष्ट नहीं है।

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