हिमाचल: बाइक स्किड होने से गई थी नेता की जान; अर्थी सहित शमशान के बजाय अस्पताल ले जाना पड़ा

Ticker

6/recent/ticker-posts

हिमाचल: बाइक स्किड होने से गई थी नेता की जान; अर्थी सहित शमशान के बजाय अस्पताल ले जाना पड़ा


ऊना।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से आज सुबह सवेरे एक खबर सामने आई थी कि ऊना जिले के देहलां में बाइक स्किड होने से जिला परिषद का चुनाव लड़ चुके ग्राम पंचायत अप्पर देहलां निवासी मंजीत की मौत हो गई थी। वहीं, शाम होते-होते इस मामले में एक बड़ा ही अजीब सा नया ट्विस्ट सामने आ गया था। दरअसल, हुआ कुछ ऐसा कि मंजीत के  शव को पोस्टमोर्टम कराने के बाद श्मशान घाट ले जाने के बजाय दोबारा रीजनल अस्पताल ऊना लाना पड़ा गया। 

परिजनों ने जताया ह्त्या का संदेह 

बतौर रिपोर्ट्स, 2 घंटे पूर्व इसी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया था और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा गया था। वहीं, स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में सड़क हादसे का मामला दर्ज करते हैं पुलिस ने जांच भी शुरू की थी। लेकी इसी बीच पोस्टमोर्टम के बाद  जब शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाने की तैयारी की जा रही थी तभी परिजनों ने मंजीत की मौत पर संदेह जताते हुए हत्या का अंदेशा जताया और पुलिस को मामले की सूचना दी। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: देवर-जीजा ने मिलकर ले ली महिला की जान; कमरे में मरी पड़ी मिली थी- दोनों अरेस्ट

इसके बाद मामला और भी तनावपूर्ण हो गया। दरअसल, मंतीज के साथी ने पैसों का लेन देन और मंजीत की हत्या होने आशंका जताई थी और पुलिस के साथ कुछ अहम जानकारियां भी साझा की। इसी वजह से शव का दोबारा से पोस्टमोर्टम कराया गया। डीएसपी रमाकांत ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मंजीत के परिजनों ने हत्या किए जाने का संदेह जताया है। जिसके चलते पुलिस ने शव को दोबारा कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: ऐसा बेटा ना ही दे भगवान- पूर्व सैनिक पिता को कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला

पुलिस द्वारा मामले की जांच को नए सिरे से शुरू किया गया है। मृतक के पोस्टमार्टम को अब बोर्ड ऑफ डॉक्टर द्वारा करवाया जाएगा। घटनास्थल की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब की टीम को भी बुलाया गया है। बता दें कि मंजीत राजनीतिक रूप से भी काफी सक्रिय थे। समाजसेवा के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता थे और उसने विगत नगर निगम चुनाव में जिला परिषद पद के लिए अपनी दावेदारी भी रखी थी। हालांकि, चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

Post a Comment

0 Comments