गुड़िया मामले में हो गया फैसला: दोषी नीलू को सुनाई उम्रकैद की सजा; CBI ने कहा था फांसी दो

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गुड़िया मामले में हो गया फैसला: दोषी नीलू को सुनाई उम्रकैद की सजा; CBI ने कहा था फांसी दो


शिमला।
हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के कोटखाई में बहुचर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस में आखिरकार फैसला हो गया है। चार साल के बाद अब जाकर न्याय का इंतजार खत्म हुआ है और आदालत ने ने दोषी नीलू चरानी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सेशन जज राजीव भारद्वाज की कोर्ट ने दोपहर दो बजे मामले में अपना फैसला सुनाया है। फैसले के दौरान दोषी नीलू भी कोर्ट में मौजूद रहा। ताउम्र दोषी नीलू जेल में रहेगा और कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर कड़ी सुरक्षा के बीच दोषी को अदालत में पेश किया गया। 2 मिनट चली कार्रवाई में विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने दोषी के सामने सज़ा का एलान किया। बीते 28 अप्रैल को अदालत ने भारतीय दंड संहिता और बच्चों के यौन अपराध से संरक्षण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नीलू को दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया था।

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बता दें कि इससे पहले मंगलवार को हुई इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने छात्रा से दुष्कर्म एवं हत्या के दोषी चरानी अनिल उर्फ नीलू को मौत की सजा देने की मांग की थी। इसे लेकर सीबीआई ने तर्क दिया था कि मामला गंभीर है और यह अमानवीय कृत्य था। वहीं, सुनवाई में दोषी के वकील ने कोर्ट रूम में सजा को लेकर कुछ रियायत देने की बात रखी। लेकिन आज कोर्ट ने नीलू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

यहां पढ़ें पूरे मामले का विस्तृत ब्यौरा 

शिमला जिला के कोटखाई में वर्ष 2017 में जुलाई माह के पहले सप्ताह में जघन्य वारदात हुई थी। 4 जुलाई, 2017 को एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई 2017 को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीडि़ता का शव मिला। 

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जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्मके बाद हत्या कर दी गई थी। छात्रा को बड़ी बर्बरता से मौत के घाट उतारा गया था। किशोरी के साथ दरिंदगी की इस वारदात के खिलाफ जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला था। 

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लोगों ने तब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया था। छानबीन के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या कर दी गई। 

आक्रोशित लोगों का पुलिस पर गुस्सा फूटा और भीड़ ने कोटखाई थाने को आग के हवाले कर दिया था। प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द कर दी। सीबीआई ने गुडिय़ा रेप-मर्डर और सूरज हत्याकांड में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए।

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