जयराम सरकार के कन्वर्टिबल वादे: मेधावियों को मिलने वाला लैपटॉप बन गया टैब

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जयराम सरकार के कन्वर्टिबल वादे: मेधावियों को मिलने वाला लैपटॉप बन गया टैब

शिमला। हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार द्वारा शुरू की गई मेधावी योजना, अब "अन्न का टन्न" मुहावरे सी हो रही है। अभी तक तरफ जहां शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 के मेधावी विद्यार्थी जहां सरकार की तरफ से किए गए वाडे के तहत मिलने वाले लैपटॉप की राह ही देख रहे हैं कि अचानक से इस योजना में बजट बचाते हुए बदलाव किए जाने की खबर सामने आई है। 

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दरअसल, जयराम सरकार ने मेधावी छात्रों को अब लैपटॉप की जगह टैब देने का फैसला लिया है। अब सूबे के स्कूल कॉलेजों में पढने वाले करीब 19 हजार से ज्यादा मेधावी छात्रों को टैब बांटे जाएंगे। बतौर रिपोर्ट्स, लैपटॉप की जगह छात्रों को टैब देकर सरकार अपना करोड़ों का बजट भी बचा रही है। हर साल मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीद कर देने के लिए सरकार ने 40 करोड़ से ज्यादा बजट तय कर रखा था, लेकिन अब जब छात्रों को टैब बांटे जाएंगे, तो इस पर कम खर्चा आएगा।

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एक अनुमान के मुताबिक़ अब सरकार को इस योजना पर केवल 16 से 17 करोड़ रूपए खर्च करने होंगे। हालांकि अहम यह है कि अगले साल जो टैब छात्रों को मिलेंगे, उसमें पहले से ही स्टडी मटीरियल उपलब्ध होगा। सरकार के प्रोपोजल के अनुसार टैब में पहले से ही शिक्षा विभाग के स्टडी से संबधित सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए होंगे, ताकि मेधावी छात्र इन टैब का अपनी शिक्षा के लिए ही इस्तेमाल कर सकें।

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बता दें कि सरकार ने इस साल से मेधावी छात्रों को स्मार्ट डिवाइस देने का प्रोपोजल तैयार किया था। इसमें मोबाइल व टैब शिक्षा अधिकारियों ने सरकार को सुझाव दिया था। यही वजह है कि अभी 2021-2022 के मेधावी छात्रों को टैब देने पर ही सहमति बनी है। वहीं, पहले से पास होकर बैठे सूबे के छात्र अभी भी इस इंतज़ार में बैठे हुए हैं कि उन्हें आखिर क्या मिलेगा। 

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