जनता ने मांगा गुड़िया के लिए न्याय: उम्रभर खिलाने से अच्छा है कि इन्हें फांसी के तख्ते पर लटका दो

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जनता ने मांगा गुड़िया के लिए न्याय: उम्रभर खिलाने से अच्छा है कि इन्हें फांसी के तख्ते पर लटका दो

शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिमला जिले के कोटखाई में बहुचर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस में आखिरकार फैसला हो गया है। चार साल के बाद अब जाकर न्याय का इंतजार खत्म हुआ है और आदालत ने ने दोषी नीलू चरानी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। अब ताउम्र दोषी नीलू जेल में रहेगा और कोर्ट ने उस पर 10 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, अब कोर्ट द्वारा सुनाए गए इस फैसले पर प्रदेश के लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. 

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सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने कमेंट कर कहा कि ऐसे दानवों को इंसानों के बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस तरह का अमानवीय कृत्य करने वाले को फांसी दी जानी चाहिए। कुछ ने पोस्ट किया कि समाज में रहने वाले इन जानवरों को उम्रभर खिलाने से अच्छा है कि इन्हें फांसी के तख्ते पर लटका दो। 

सब मिले हुए हैं, लेकिन भगवान की नजरों से कोई नहीं बच सकता

एक यूजर ने पोस्ट किया कि उम्रकैद का फैसला गुड़िया के लिए न्याय लेकर आया है। एक अन्य यूजर प्रदीप ने फेसबुक पर प्रतिक्रिया दी है कि दोषी को फांसी की सजा क्यों नहीं दी गई। किसी ने लिखा कि बेकसूर को सजा हो गई, यह दुर्भाग्य है। वहीं, किसी युवक का कहना है कि यह न्याय नहीं हैं। एक ने लिखा कि असली अपराधी को बचाने के चक्कर में एक गरीब चिरानी को फंसाया गया। 

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किसी ने पोस्ट किया कि असली गुनहगार घर में बैठे हैं और आज जश्न मना रहे होंगे। एक अन्य युवक ने पोस्ट किया कि झूठ की जीत हुई और सच को हरा दिया गया। सब मिले हुए हैं, लेकिन भगवान की नजरों से कोई नहीं बच सकता। जबकि एक और पोस्ट किया कि बेगुनाह इंसान को पकड़ लिया और दरिंदे छूट गए, वाह रे मेरे देश के कानून।

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