उपचुनाव से पहले कांग्रेस और राजघराने में बढ़ी हलचल: मंडी या अर्की- प्रतिभा सिंह हैं मुद्दा

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उपचुनाव से पहले कांग्रेस और राजघराने में बढ़ी हलचल: मंडी या अर्की- प्रतिभा सिंह हैं मुद्दा

फाइल तस्वीर
मंडी/अर्की: हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनावों की तारीख का किसी भी वक्त ऐलान किया जा सकता है। इस सब के बीच सूबे की सबसे हॉटसीट बनी हुई मंडी लोकसभा सीट और राजा वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खाली हुई अर्की विधानसभा सीट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं, इन दिनों सीटों पर तेज हुई राजनीतिक गर्माहट की सबसे बड़ी वजह है राज परिवार। 

मंडी या अर्की...फंसा पेंच:

दरअसल, एक तरफ जहां अबतक इस बात का अंदाजा जताया जा रहा था कि दिवंगत राजा की पत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह मंडी से उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर उतरने वाली हैं। वहीं, अब उनके अर्की विधानसभा सीट से चुनावी मैदान उतरने के बारे में बातें होने लगी हैं। 

वहीं, इन सारे कयासों के बीच पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह का कहना है कि मंडी संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कोई विचार नहीं किया है। वह लोगों से भी इस बारे में राय जानेंगी। 

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पार्टी सूत्र बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद अर्की सीट खाली होने पर उनके परिवार के सदस्य को उतारने की पैरवी समर्थक करने लगे हैं। वीरभद्र सिंह के निधन से खाली हुई अर्की विधानसभा की सीट पर उनकी धर्मपत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की संभावित दावेदारी से क्षेत्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। 

मंडी से प्रतिभा सिंह के पीछे हटने की क्या है वजह:

कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गजों के अर्की में दौरे शुरू हो गए हैं। गौरतलब है कि वीरभद्र सिंह के निधन के बाद उनके परिवार के किसी सदस्य को लेकर कांग्रेस इस सीट को सुरक्षित मानकर चल रही है। 

ऐसे में उनकी धर्मपत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह का नाम सामने आया है, लेकिन इस सीट पर प्रतिभा सिंह को उतारा जाता है तो दूसरी पंक्ति में खड़े टिकट के दावेदार नेताओं को झटका लगना तय है। 

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मंडी और अर्की सीट पर होने वाले चुनावों के परिणाम कुछ भी क्यों ना हों लेकिन यह बात सपष्ट है कि लोकसभा सीट जीतने वाले नेता के राजनीति कि मियाद साल 2024 तक रहने वाली है। 

वहीं, विधायकी जीतने वाले को अगले साल फिर से चुनाव लड़ना पड़ेगा। ऐसे में मंडी लोकसभा सीट की बात करें तो यह बात स्पष्ट है कि सीएम जयराम ठाकुर का गृह जिला होने की वजह से बीजेपी इस सीट को अपने हाथों से नहीं जाने देना चाहेगी। 

मंडी में अब एकमात्र कौल सिंह ही हैं चेहरा:

वहीं, हाल ही में संपन्न हुए मंडी नगर निगम के चुनाव परिणामों पर नजर डाले तो जिले में कांग्रेस की स्थिति पूरी तरह से साफ़ है। अब ऐसे स्थिति में प्रतिभा सिंह को बतौर उम्मीदवार उतरना किसी भी खतरे से कम नहीं है। 

ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस सेफ साइड खेलते हुए पहले तो अर्की की सीट को अपने कब्जे में लेने के मूड में है। वहीं, मंडी लोकसभा का उपचुनाव कौल सिंह ठाकुर के परिवार के कंधे पर डाले जाने की उम्मीद है।

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गौरतलब है कि पिछले नगर निगम के चुनावों पंडित सुखराम शर्मा के परिवार पर सभी जिम्मेदारियों का बोझा डाल दिया गया था। लेकिन साल 2019 की तरह नगर निगम के चुनावों में भी क्षेत्र के लोगों ने शर्मा परिवार और कांग्रेस पर अपना भरोसा नहीं जताया।

ऐसे में उम्मीद है कि मंडी चुनाव से राज परिवार के किनारा करने के बाद अब कांग्रेस के पास कौल सिंह ठाकुर ही एक मात्र ऐसा चेहरा हैं, जो कि कांग्रेस की नैया को पार लगवा सकते हैं।

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