जलप्रलय: चैतडू् में सबसे भीषण तबाही- कई मकान बहे, करोड़ों का नुकसान; फसलें भी साफ़

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जलप्रलय: चैतडू् में सबसे भीषण तबाही- कई मकान बहे, करोड़ों का नुकसान; फसलें भी साफ़


कांगड़ा।
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। मानसून के इस रूप का कहर टूटा है सूबे के कांगड़ा जिले पर। जहां बादल फटने से भारी तबाही मची है। नाले उफान पर आ गए हैं जो अपने साथ गाड़ियों, मकानों, पेड़ों और पुलों समेत कई सारी चीजों को बहाकर ले जा रहे हैं। इसके ढेरों वीडियोज सामने आए हैं, जो कि सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं। 

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जिले ने सोमवार को उत्तराखंड जैसी तबाही का मंजर देखा। धर्मशाला के भागसूनाग में बादल फटने से साथ लगती खड्डे गज, मांझी, मनूणाी आदि उफान पर आ गईं और जो भी दिखा उसे बहाकर ले गईं। बेतहाशा बारिश में कई गाडिय़ां बह गईं, जबकि खड्डों के किनारे बने कई मकान पल भर में जमींदोज होकर बाढ़ में बह गए।

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धर्मशाला विधानसभा के अंतर्गत चैतडू् में तो बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई और कई दुकानें व रिहायशी मकान बह गए। बाढ़ के बाद आलम यह था कि पता ही नहीं चल रहा था कि यहां पहले भी कोई बसते थे। चैतड़ू ट्रक यूनियन के सामने बसे कई रिहायशी घर और दुकानें अब वहां नहीं हैं और उस स्थान से अब खड्ड बह रही है। यहां किसानों की जमीनें पानी में बह गई हैं। 

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आसपास के लोग भी अपने घरों को खाली कर रहे हैं। लोग पूरी तरह से दहशत में हैं। धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया भी मौके पर पहुंचे हैं व लोगों को सांत्‍वना दे रहे हैं। एसडीएम सहित प्रशासिनक अमला मौके पर पहुंचा है व राहत कार्य किया जा रहा है। विधायक विशाल नैहरिया और एसडीएम धर्मशाला हरीश गज्जू ने चैतड़ू पहुंचकर प्रभावित छह परिवारों को स्कूल में रहने की व्यवस्था करवाई है। लोग अपने घरों से कीमती सामान निकाल रहे हैं।

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मकलोडगंज के साथ लगते क्षेत्र भागसूनाग में आई बाढ़ ने सोमवार को व्यापक तबाही मचाई। मूसलाधार बारिश से पानी सड़क पर बहने लगा, जिसने देखते ही देखते खड्ड का रूप धारण कर लिया। बाढ़ इतनी थी कि पार्किंग में खड़ी गाडिय़ां तैरने लगीं और पलक झपकते ही बहने लगीं। इस दौरान कई गाडिय़ां क्षतिग्रस्त भी हो गईं। बाढ़ के बाद से स्थानीय जनता में दहशत का माहौल है। 

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