हिमाचल: ड्यूटी के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाली 2 हेल्थ वर्कर्स के परिजनों को मिले 50-50 लाख

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हिमाचल: ड्यूटी के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाली 2 हेल्थ वर्कर्स के परिजनों को मिले 50-50 लाख


शिमलाः
केंद्र सरकार की ओर से गरीब कल्याण योजना के तहत कोरोना महामारी में सेवाएं देते वक्त जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स को 50 लाख की बीमा राशि देने का ऐलान किया गया था। जिसके अंतर्गत यदि किसी फ्रंटलाइन वर्कर की कोरोना संक्रमण से मौत हो जाती है तो उसके परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। 

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इसी कड़ी में राजधानी शिमला में कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थय केंद्र मांडल मिड वाइफ में सेवाएं दे चुकी प्रेमलता और आईजीएमसी शिमला में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात द्रोपदा डोगरा के परिजनों को भी केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के तौर पर 50-50 लाख रूपए जारी किए गए हैं। 

बता दें कि दोनों ही महिलाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना महामारी के भयावह समय पर लोगों को अपनी सेवाएं दी थी। इस दौरान खुद कोरोना संक्रमित होकर दोनों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।            

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बता दें कि शिमला के प्राथमिक स्वास्थय केंद्र नालदेहरा में अपनी सेवाएं देने वाली सुषमा की भी बीते सितंबर महीने में कोरोना पॅाजिटिव होने के बाद मौत हो गई थी। जिसके बाद जिला स्वास्थय विभाग ने कोरोना वॅारियर्स के लिए सरकार से राहत राशि देने की मागं की थी। जिसके बाद सरकार ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी के तहत सुषमा के परिवार को 50 लाख रूपए की बीमा राशि जारी कर दी थी।

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