हिमाचल जल प्रलय: बिजनस पार्टनर को तो बचा लिया पर खुद नहीं बचीं विनिता, आज ही लौटना था..

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हिमाचल जल प्रलय: बिजनस पार्टनर को तो बचा लिया पर खुद नहीं बचीं विनिता, आज ही लौटना था..


कुल्लू।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम तो सुहाना लेकिन जिंदगी बिताने के लिए परिस्थितियां काफी कठिन है। वहीं, बहरी राज्य से आने वाले पर्यटकों को इस बात का गुमान नहीं रहता और वे बढ़ देते हैं पहाड़ों की ओर और उनकी यही गलती कई बार जानलेवा भी साबित होती है। इसी कड़ी में बीते कुछ दिनों से सूबे में जारी जल प्रलय का कहर बीते कल सूबे के कुछेक जिलों पर टूटा जिसमें कुल्लू जिला भी शामिल था। 

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बताया गया कि यहां बादल फटने के बाद ब्रह्मगंगा नाले में आए सैलाब में गालियाबाद निवासी विनीता बह गई थी, हालांकि उसका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। विनिता अपने बिजनेट पार्टनर को बचाकर खुद मौत के मुंह में चली गई। बादल फटने के बाद ब्रह्मगंगा नाले (मणिकर्ण, कुल्लू)में सैलाब आ गया। सैलाब ब्रह्मगंगा में चल रहे कसोल हाइड रिजॉर्ट नामक कैंपिंग साइट की तरफ बढ़ा। 

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अचानक पानी बढ़ता देख विनिता बिजनेस पार्टनर अर्जुन फारसवाल को बचाने के लिए दौड़ी। इसमें वह कामयाब भी हो गई। हालांकि, पानी के सैलाब में अर्जुन घायल हो गया, लेकिन अर्जुन को बचाते-बचाते पानी विनिता को बहाकर ले गया। विनिता चैधरी (25) पुत्री विनोद डागर, गांव निस्तौली, नियर टिला मोड, लोनी रोड, गाजियाबाद यहां बतौर प्रबंधक का काम देख रही थीं। 

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घटना के एक दिन बाद यानि कि बुधवार को उसे दिल्ली जाना था। साइट पर दूसरे लोगों की शिफ्ट लगने वाली थी। विनिता ने पर्यटन व्यवसाय में कोर्स किया था। वह पर्यटन से संबंधित कार्य बेहतर तरीके से कर रही थी। इस संबंध में विनिता चैधरी के मामा सुभाष सिद्धू ने कहा कि हादसे के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं।

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