हिमाचल के कर्मियों को नए वेतन आयोग के लिए करना होगा अभी इंतज़ार, जानें क्यों होगी देरी

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हिमाचल के कर्मियों को नए वेतन आयोग के लिए करना होगा अभी इंतज़ार, जानें क्यों होगी देरी


शिमला।
पंजाब में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से चिकित्सकों सहित कर्मचारियों की कई श्रेणियां पंजाब सरकार से खासे नाराज हैं। इसे देखते हुए हिमाचल सरकार पंजाब में सबकुछ शांत होने के बाद ही कर्मचारियों को नया वेतन आयोग प्रदान करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना से पूछा है कि वेतन आयोग संबंधी आकलन पूरा कर लिया है या नहीं। 

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बताया जा रहा है कि सरकार दीपावली से पहले प्रदेश के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर तोहफा दे सकती है। नया वेतन आयोग लागू होने पर प्रदेश सरकार के 1।91 लाख कर्मचारी सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी भी वित्तीय लाभ के हकदार होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एसीएस प्रबोध सक्सेना को छठे वेतन आयोग पर त्वरित काम करने के लिए कहा है। 

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सक्सेना ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री आयोग की सिफारिशों को लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में गठित कमेटी सभी तरह का आकलन कर रही है उसके बाद लागू किया जाएगा। प्रदेश के कर्मचारियों को सिफारिशों का लाभ 2016 से प्राप्त होना है। एरियर के भुगतान को लेकर भी पेंच है कि 2016 से लेकर आगे तक निरंतरता से मिलेगा या नहीं।

सचिवालय कर्मियों व शिक्षकों को लग सकता है झटका

पंजाब सरकार ने सचिवालय कर्मचारियों को मिलने वाला सचिवालय वेतन खत्म कर दिया है। हिमाचल में प्रत्येक कर्मचारी को दो हजार रुपये सचिवालय वेतन मिलता है। इस पर अलग से महंगाई भत्ता भी जुड़ता है। इसके अतिरिक्त यहां पर शिक्षकों को 2।5 फैक्टर लगाने की चर्चा हो रही है। इससे प्रदेश के शिक्षक वर्ग को वेतन आयोग से अधिक लाभ नहीं मिलने वाला। इन दो श्रेणियों के अलावा कई ऐसी श्रेणियां हैं, जिन्हें छेठ वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से नुकसान हो सकता है।

इसलिए लग सकते हैं तीन माह

छठा वेतन आयोग लागू होने में तीन महीने का समय लग सकता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सरकार पंजाब में सभी कर्मचारी वर्ग के मामले संशोधित होने पर यहां से नजर रहेगी। ऐसे में डेढ़ महीने का समय लग सकता है। विधानसभा के मानसून सत्र के बाद सितंबर में आदर्श आचार संहिता लागू होगी और 40 दिनों तक सरकार कोई नई घोषणा नहीं कर पाएगी।

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