HRTC कर्मियों ने वापस लिया हड़ताल; परिवहन मंत्री वार्ता को हुए तैयार; चलेंगी बसें

Ticker

6/recent/ticker-posts

HRTC कर्मियों ने वापस लिया हड़ताल; परिवहन मंत्री वार्ता को हुए तैयार; चलेंगी बसें

शिमला: हिमाचल प्रदेश में आरएम के तबादले के बाद हड़ताल पर गए एचआरटीसी चालकों-परिचालकों ने शनिवार शाम को अपनी हड़ताल स्थगित कर दी है। अब सरकारी बसों के पहिए रविवार को नहीं थमेंगे। प्रदेश सरकार ने आंदोलनरत कर्मचारियों को सोमवार को वार्ता के लिए बुलाया है। एचआरटीसी चालक यूनियन के प्रधान मान सिंह ने हड़ताल स्थगित करने की पुष्टि की है।      

वार्ता के लिए तैयार हुआ दोनों पक्ष:

उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री की तरफ से वार्ता का पत्र मिला है। ऊना में सोमवार को सुबह साढ़े 9 बजे मंत्री के साथ बैठक होगी। ऐसे में हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया गया है। अब एचआरटीसी की बसें बिना किसी रोक-टोक के चलेंगीं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: चलती कार पर बरसने लगे पत्थर, ड्राइवर की होशियारी ने बचा ली पूरे परिवार की जिंदगी

बहरहाल एचआरटीसी बसों की हड़ताल टलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार को प्रदेश भर में एचआरटीसी बसों के न चलने से लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। सैंकड़ों रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी बसें शनिवार को खड़ी रहीं। राजधानी शिमला में शुक्रवार शाम से ही एचआरटीसी कर्मचारियों ने बस सेवा बंद कर दी थी।

तबादले से नाराज थे कर्मी:

शिमला के लोकल डिपो के आरएम देवासेन नेगी के तबादले से गुस्साए एचआरटीसी कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था। हड़ताल पर जाने वाले एचआरटीसी चालकों-परिचालकों का कहना था कि प्राइवेट बस आपरेटरों के दवाब में आरएम को स्थानांतरित किया गया है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल पुलिस का कांस्टेबल बना करोड़पति: वो भी सिर्फ 4 घंटे में- यहां पढ़ें पूरी कहानी

बता दें कि आरएम के तबादले के चलते एचआरटीसी चालकों-परिचालकों के बस सेवा ठप पर आज परिवहन मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर का नाराजगी भरा बयान आया है कि अधिकारी के तबादले का फैसला चालक-परिचालक नहीं लेंगे। तल्खी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण है।

नए आरएम हैं कैंसर के मरीज:

मीडिया से बातचीत में मंत्री ने साफ किया कि सरकार ने तबादला करके किसी अधिकारी को सजा नहीं दी है। जिस अधिकारी को शिमला में आरएम लगाया है, उसे कैंसर है। बीमारी के चलते वह नेरवा नहीं जाना चाहता। 

शिमला वाले को नेरवा भेजा गया, क्योंकि नेरवा में नया यूनिट खुला है। यहां पर अनुभवी व वरिष्ठ अधिकारी की आवश्यकता है। नियमों के तहत एक स्टेशन पर तीन साल नौकरी के बाद किसी भी कर्मचारी का तबादला किया जा सकता है। 

Post a Comment

0 Comments