महंगाई: हिमाचल के 6.67 लाख लोगों ने LPG सिलेंडर भरवाना बंद किया, चूल्हे पर पक रहा खाना!

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महंगाई: हिमाचल के 6.67 लाख लोगों ने LPG सिलेंडर भरवाना बंद किया, चूल्हे पर पक रहा खाना!


शिमला।
महंगाई का ऐसा आलम है कि अब आम आदमी कम बजट के कारण अपनी जरूरत की चीजों में कटौती करने लग पड़ा है। इसका ताजा उदहारण हिमाचल प्रदेश में देखने को मिल रहा है। नीति आयोग की हाल में आई एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि हिमाचल में मौजूद 23 लाख कुल उपभोक्ताओं में से 6.67 लाख ने सिलिंडर रीफिल कराना बंद कर दिया है। 

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इसके पीछे का सबसे मुख्य कारण महंगाई और सिलेंडर के बढ़ते दामों को माना जा रहा है। इसके अलावा निशुल्क मिलने वाली लकड़ी की वजह से भी दोबारा भरवाने में कमी आई है। वर्तमान में गैस सिलिंडर के दाम 931 रुपये हैं जबकि  सब्सिडी करीब 31 रुपये की मिलती है।अधिकतर ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अब खाना पकाने के लिए पारंपरिक चूल्हे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ईंधन के लिए लकड़ी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। 

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वहीं, जिन इलाकों में गर्मी पड़ती है उन क्षेत्रों में लोग भी लोग चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं। बता दें कि सूबे के कई इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ती है लेकिन चूल्हे पर खाना बनाना मजबूरी हो गई है। सरकार की वो बात भी बेमानी साबित हो रही है जिसमें कहा गया था कि ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को धुंए के खतरे से बचाना है और पर्यावरण का संरक्षण भी करना है। बता दें कि प्रदेश में कुल 23 लाख गैस उपभोक्ता हैं। 

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इनमें से 3 लाख कनेक्शन धारकों को हिमाचल प्रदेश की गृहणी सुविधा योजना और केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन के साथ निशुल्क गैस चूल्हा और सिलिंडर मुहैया कराया गया है। केंद्र की उज्जवला योजना के माध्यम से भी काफी नए कनेक्शन दिए गए हैं। जनता को सरकार ने सिलेंडर तो दे दिए लेकिन अब जनता के पास उसे भरवाने के पैसे नहीं हैं। बीते एक साल में गैस सिलेंडर के दाम कितनी बार बढ़े हैं, उससे जनता जनार्दन अच्छी तरह से वाकिफ है।

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