हिमाचल से रोजी रोटी की तलाश में गया था उत्तराखंड, टनल की रंगाई करते हुए हुआ लापता

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हिमाचल से रोजी रोटी की तलाश में गया था उत्तराखंड, टनल की रंगाई करते हुए हुआ लापता

देहरादून/सिरमौरः हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले का रहने वाला एक शख्स आजिविका कमाने के लिए उत्तराखंड गया हुआ था। इस दौरान वो अपने साथी के साथ देहरादून से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित छिबरो पावर हाउस की टनल की रंगाई का काम कर रहा था। 

लेकिन इस बीच जब वो बीते शनिवार को अपने घर नहीं लौटा तो परिजन घबरा गए। जिसके बाद परिजन उसे ढूंढने के लिए पावर हाउस भी पहुंचे लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। 

ढूंढने में जुटी एसडीआरएफ की टीम:

इसके बाद लापता हुए शख्स के परिजनों ने गेट के पास पहुंच कर खूब हंगामा किया। इसके साथ ही परिजनों ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम व ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मजदूरों को कोई सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं करवाई है। 

वहीं, पुलिस द्वारा समझाए जाने पर परिजनों का गुस्सा शांत हुआ। ताजा अपडेट के अनुसार एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लापता हुए श्रमिकों को ढूंढने में लगी हुई है। 

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जानकारियों की मानें तो इस घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी ने होने के कारण फिलहाल इस बात का पता नहीं चल पाया है कि दोनों मजदूर कहां अचानक से गायब हो गए। इसके साथ ही दोनों श्रमिकों के टनल के नीचे टरबाइन वाले हिस्से में गिरने की आशंका भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि देहरादून जिले स्थित कालसी तहसील के अतंर्गत आते छिबरो पावर हाउस में इन दिनों रंगाई का काम चला हुआ है।

परिजन भी पहुंचे उत्तराखंड:

इस मामले पर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश स्थित सिरमौर जिले के तहत पड़ने वाले गांव कलेथा का रहने वाला सीताराम व देहरादून जिले के अंतर्गत आते सराडी गांव के थेपाराम और सीताराम ये तीनों टनल में रंग-रोगन करने गए थे। 

लेकिन जब वो शनिवार को घर वापस नहीं लौटे तो स्वजन उन्हें ढूंढते हुए पावर हाउस पहुंचे लेकिन उन्हें वहां भी मजदूरों का कोई पता नहीं लग पाया। जिस कारण उन्हें मौके पर से खाली हाथ लौटना पड़ा।

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इस दौरान अगली सुबह यानी रविवार को एक बार फिर स्वजन पावर हाउस पहुंचे। इस बीच उन्हें सूचना मिली की उनके साथ सराडी गांव का सीताराम भी टनल में काम कर रहा था। इस पर परिजन सीताराम से मिलने पहुंचे। 

वहीं, सीताराम ने बताया कि टनल में काम करते हुए पेंट की गंध से उसे तबीयत खराब होने का एहसास हुआ तो वे टनल से बाहर आ गया। जहां उसने कुछ देर तक आराम किया और फिर घर लौट गया। तब तक उसके दोनों साथी वहीं काम कर रहे थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं है।

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