ॐ शांति: हरिद्वार में गंगा और हिमाचल की सभी नदियों में प्रवाहित की गईं वीरभद्र सिंह की अस्थियां

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ॐ शांति: हरिद्वार में गंगा और हिमाचल की सभी नदियों में प्रवाहित की गईं वीरभद्र सिंह की अस्थियां


शिमलाः हिमाचल प्रदेश के छः बार सीएम रहे राजा विरभद्र सिंह की अस्थियों को शनिवार यानी आज विधिवत तरीके से गंगा नदी में विसर्जित किया गया। जानकारियों की मानें तो बीते कल शाम के समय राजा साहब के भतीजे समेत परिवार के पांच सदस्य उनकी अस्थियां लेकर हरिद्वार पहुंचे थे। 


जहां आज सुबह 7:30 बजे हरकी पैड़ी पर स्थित अस्थि प्रवाह घाट पर उनके भतीजे कुंवर रिपुदमन सिंह, तारा चंद ठाकुर, हिमाचल के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा, पूर्व विधायक डा. सुभाष वर्मा, सुशांत कपट्टे व राजसी परिवार के राजपुरोहित ने अस्थि विसर्जित की।


वहीं प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बहने वाली नदियों में वीरभद्र सिंह की अस्थियों का विसर्जन किया गया। किन्नौर जिले के कड़छम, आनी विस क्षेत्र के ढरोपा, रामपुर के नोगली और उन्नू महादेव सहित प्रदेश की सभी नदियों में ब्लॉक कांग्रेस स्तर पर अस्थि कलशों का विसर्जन किया गया। 

वीरभद्र सिंह का अस्थि कलश शनिवार को रामपुर बुशहर की नोगली में सतलुज नदी में विसर्जित किया गया। ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारियों व नेताओं ने वीरभद्र सिंह के अस्थि कलश को पूरे विधि-विधान के साथ सतलुज नदी मे विसर्जित किया। इसके पश्चात 19 जुलाई को वीरभद्र सिंह के निजी आवास पदम् पैलेस रामपुर मे धर्म शांति का कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें राज परिवार की ओर से आम जनता को भी आमंत्रित किया गया है।


बता दें कि हिमाचल प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री राजा विरभद्र सिहं काफी लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। जिस वजह से वो प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॅालेज व अस्पताल आईजीएमसी में उपचारधीन थे। इस दौरान लंबी बीमारी के चलते 8 जुलाई को उन्होंने आईजीएमसी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जिसके बाद 9 जुलाई को उनका पार्थिव देह उनके गृह क्षेत्र पदम पैलेस रामपुर लाया गया। जहां बेटे के राज्य अभिषेक के बाद 10 जुलाई को वीरभद्र सिंह को अंतिम विदाई दी गई।

पवित्र जिया संगम में प्रवाहित की गई अस्थियां-

हिमाचल प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अस्थियों को पवित्र जिया संगम स्थल पर मंत्र उच्चारण के साथ पूरे विधि विधान के साथ प्रवाहित किया गया। इस दौरान राजा साहब के समर्थकों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। बता दें कि सुबह 8 बजे से कुल्लू के ढालपुर मैदान में लोग इक्टठे होने कके बाद अस्थि क्लश को ढालपुर बाजार होते हुए सैंकड़ों समर्थकों ने भुंतर के पवित्र जिया संगन स्थल पहुंचाया। जहां पूजा पाठ करने के बाद अस्थि क्लश को ब्यास नदी में प्रवाहित किया गया।

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