हिमाचल: अंधविश्वास ने छीन ली एक ही परिवार के तीन लोगों की जान, 4 माह से बेटे को छिपाई थी मां

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हिमाचल: अंधविश्वास ने छीन ली एक ही परिवार के तीन लोगों की जान, 4 माह से बेटे को छिपाई थी मां

चंबा: आज के आधुनिक युग में भी अंधविश्वास से जुड़ी एक चौंका देने वाली खबर सामने आई है. मामला चंबा जिले के पांगी क्षेत्र अंतर्गत रेई पंचायत के मझरौऊ गांव का है. 

चार महीने से घर में छिपा रखा था बेटे का शव:

मिली जानकारी के अनुसार अंधविश्वास की वजह से दो बच्चों की मौत हो गई. जिसके बाद उसकी मां ने भी फंदा लगा लिया. प्यार देई (42वर्ष) पत्नी बेदब्यास खुद को चेलन (माता का रूप) मानती थी। बड़े बेटे की तबियत खराब हुई तो उसे अस्पताल नहीं ले गए. घर में ही मौत हो गई. महिला को विश्वास था कि उसके बेटे को भगवान दूसरी दुनिया में ले गए हैं. वापस छोड़ जाएंगे.

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इसी बीच महिला की बेटी की भी तबियत बिगड़ गई. पिता बेद ब्यास पत्नी के मना करने की वजह से काफी देर से इलाज के लिए चंबा अस्पताल ले गए. जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई.

छोटी बेटी की मौत, बड़ी इलाजरत:

बेटी की मौत की खबर सुन मां प्यार देई ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना पुलिस को दी गई. जिसके बाद घर से बेटे का लगभग चार-पांच महिला पुराना शव बरामद किया गया. स्थनीय लोगों ने बताया कि सालों से महिला के घर किसी का आना जाना नहीं था. पूरा परिवार अंधविश्वास में जकड़ा था.

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स्थनीय लोगों ने ही आशंका जताई कि बेटे प्रेम जीत की मौत चार-पांच महीना पहले ही हो गया था. पत्नी के कहने पर न किसी को घर आने देते थे और न ही किसी के घर जाते थे। लड़कियों को भी इलाज करवाने के लिए जबरदस्ती लेकर गया था। 

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इनमें छोटी की मृत्यु हो गई है व बड़ी चंबा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है। पुलिस ने मां और बेटे के शव कब्जे में ले लिए हैं और छानबीन में जुट गई है। थाना प्रभारी नितिन चौहान ने बताया मां और बेटे के शव कब्‍जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है।

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