विदेश जाने से पहले हिमाचल घूमना चाहती थी प्रतीक्षा, मां संग वीडियो कॉल पर थी, तभी आई मौत!

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विदेश जाने से पहले हिमाचल घूमना चाहती थी प्रतीक्षा, मां संग वीडियो कॉल पर थी, तभी आई मौत!


किन्नौर/बैतूल।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हुए हादसे में जिन 9 लोगों की मौत हुई थी, उनमें मध्य प्रदेश के बैतूल की बेटी प्रतीक्षा पाटिल भी शामिल है। पढ़ाई के लिए विदेश जाने से पहले हिमाचल की खूबसूरती को निहारने पहुंची बैतूल जिले के पाथाखेड़ा निवासी सुनील पाटील की बेटी प्रतीक्षा को क्या पता था कि वह सदा के लिए परिजनों से हमेशा के लिए दूर चली जाएगी। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त प्रतीक्षा अपनी मां से फोन पर वीडियो कॉल कर रही थी। 

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उसी दौरान अचानक फोन का संपर्क टूटा और बाद में परिजनों को हादसे में प्रतीक्षा की मौत की खबर मिली। तब से ही माता, पिता और परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रतीक्षा के पिता सुनील दीवाकर पाटील वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) पाथाखेड़ा की तवा-1 खदान में अंडर मैनेजर है। 

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सुनील पाटील ने बताया उनकी बेटी बहुत ही होनहार थी। प्रकृति से इतना ज्यादा प्यार था कि चाहकर भी हम उसे हिमाचल प्रदेश जाने से नहीं रोक पाए। 19 जुलाई सोमवार को प्रतीक्षा घूमने के लिए नागपुर से हिमाचल गई थी। अलग-अलग जगहों के प्राकृतिक सौंदर्य को मोबाइल में कैद कर मां से वीडियोकॉल पर बात करती थी।

विदेश जाने वाली थी प्रतीक्षा

प्रतीक्षा पाटिल एक होनहार और काबिल लड़की थी। प्रतीक्षा ने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उसने डीएचएल मुंबई और पुणे में टीवीएस कंपनी में नौकरी की। प्रतीक्षा नौकरी से इस्तीफा देकर उच्च शिक्षा के लिए स्पेन जाने वाली थी। हालांकि विदेश जाने से पहले प्रतीक्षा ने हिमाचल प्रदेश घूमने की योजना बनाई और यही हिमाचल का टूर उसकी जिंदगी छीन ले गया।

मां ने किया था मना, बेटी की जिद के आगे झुक गई

प्रतीक्षा के पिता ने बताया कि करीब 15 दिन पहले पाथाखेड़ा से जाते वक्त बेटी ने अपनी मां प्रणीता से हिमाचल प्रदेश घूमने जाने की बात कही थी। मां ने बारिश का मौसम होना बताकर घूमने जाने से मना कर दिया था। फिर बेटी ने मुझसे पूछा और कहा कि एडमिशन मिलते ही पढ़ाई के लिए विदेश चली जाउंगी। फिर घूमने को नहीं मिलेगा।

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पढ़ाई के लिए विदेश जाने की बात सुनकर मैने हिमाचल प्रदेश घूमने जाने को कह दिया। मुझे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस प्रकृति से मेरी बेटी को इतना प्यार था उसी प्रकृति की गोद में मेरी बेटी इतनी जल्दी हमेशा के लिए सो जाएगी।

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