हिमाचल में हुए घोटाले के बाद सख्त हुआ केंद्र: नहीं दे रहा बजट- छात्रों को बड़ा नुकसान

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हिमाचल में हुए घोटाले के बाद सख्त हुआ केंद्र: नहीं दे रहा बजट- छात्रों को बड़ा नुकसान


शिमला।
हिमाचल प्रदेश में हुए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हिमाचल की जयराम सरकार के हाथ बांध दी हैं, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा नुकसान सूबे के छात्रों को उठाना पड़ रहा है। आपको बता दें कि प्री मैट्रिक स्कालरशिप योजना में केंद्र सरकार की तरफ से शैक्षणिक सत्र 2018-19 और 2019-20 का बजट अभी तक पास नहीं किया गया है। 

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वहीं, केंद्र द्वारा बजट आगे ना बढाए जाने के कारण प्रदेश के ओबीसी और अनुसूचित जाति के करीब 83,489 छात्र-छात्राओं को दो साल से छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिल सकी है। बता दें कि इस योजना के तहत ओबीसी वर्ग के 14314 विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2018-19, 14244 विद्यार्थियों को वर्ष 2019-20 और 10426 विद्यार्थियों को वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र से राशि नहीं मिली है।

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अनुसूचित जाति के 24061 विद्यार्थियों को 2018-19 और 20444 विद्यार्थियों को वर्ष 2019-20 के लिए बजट जारी नहीं हुआ है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के 652 विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 और इसी योजना में ओबीसी वर्ग के 188 विद्यार्थियों को 2018-19 के लिए बजट जारी करने का मामला अभी प्रदेश सरकार के विचाराधीन है।  

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वहीं, 258 विद्यार्थियों की गलत बैंक खातों की जानकारी देने के चलते छात्रवृत्ति रुकी हुई है। डॉ. अंबेदकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए अनुसूचित जाति के 70, ओबीसी के 138 और ठाकुर सेन नेगी उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना में 50 विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियां रुकी हुई हैं।  

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