क्या हिमाचल में एंट्री के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी का फैसला दो दिन में पलटा, CM को पता ही नहीं था!

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क्या हिमाचल में एंट्री के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी का फैसला दो दिन में पलटा, CM को पता ही नहीं था!


शिमला।
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की एंट्री को आरटीपीसीआर या आरएटी की नेगेटिव रिपोर्ट और कोविड वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट को 10 अगस्त को जरूरी कर दिया था। 

लेकिन इन्ही आदेशों में 18 अगस्त को प्रदेश में एंट्री के लिए रजिस्ट्रेशन को भी जोड़ने के आपदा प्रबंधन ने अधिसूचना जारी कर दी थी, जिसे मुख्य सचिव ने अप्रूव किया है। वहीं, अब हिमाचल प्रदेश में एंट्री पाने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के फैसले को दो दिन के भीतर ही पलट दी जाने का दावा एक मीडिया रिपोर्ट में किया गया है। 

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सामने आई खबर के अनुसार कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल आने के लिए किसी भी तरह के रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। ये बात सीएम जयराम ठाकुर ने स्वयं कैमरे पर कही है। हैरानी की बात यह है कि अधिसूचना के दो दिन बाद भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इसकी जानकारी तक नहीं है। 

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मीडिया के पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने बीते रोज और आज दूसरे दिन भी रजिस्ट्रेशन को लागू नहीं करने की बात कही है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति है। हालांकि बिना रेजिस्ट्रेशन के शोघी बेरियर से कुछ गाड़ियों को पुलिस ने वापिस भी भेजा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या अधिकारी बिना मुख्यमंत्री को बताए इतना बड़ा निर्णय लागू कर देते हैं। यहां तक की मुख्यमंत्री को दो दिन बाद भी इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

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