हिमाचल के वीर सपूत ने ढेर किया था 6 लाख का ईनामी आतंकी: मिलेगा 'पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री' और...

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हिमाचल के वीर सपूत ने ढेर किया था 6 लाख का ईनामी आतंकी: मिलेगा 'पुलिस मैडल फॉर गैलेंट्री' और...


बिलासपुर।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले स्थित घुमारवीं उपमंडल के दकड़ी के गांव चुवाड़ी दाड से ताल्लुक रखने वाले सहायक कमांडेंट जगदीश राम पुत्र स्व सुख राम को  'पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री' से सम्मानित किया जाएगा। इसका ऐलान भी किया जा सकता है। बता दें कि जगदीश राम इस वक्त कश्मीर घाटी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जगदीश राम को बहादुरी का पुरस्कार एक खूंखार आतंकवादी को ठिकाने लगाने के लिए दिया गया। 

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इस ऑपरेशन को अंजाम देते हुए जगदीश राम के साथ टीम में शामिल उनका एक साथी भी शहीद हो गया था। बता दें कि ताहिर अहमद भट्ट नामक इस आतंकी ऊपर 6 लाख रुपये का ईनाम रखा गया था। जगदीश राम ने इस खूंखार आतंकी को 17 मई 2020 को मौत के घाट उतारा था। 

पुरस्कार के अलावा इन सुविधाओं का भी मिलेगा लाभ 

इस पुरस्कार के अलावा सहायक कमांडेंट को सैलरी के साथ छ: हजार रुपए प्रतिमाह ताउम्र दिया जाएगा और साथ ही वे 75 प्रतिशत छूट के साथ ट्रेन व हवाई जहाज के सफर में भी अपने साथ एक अटेंडेंट भी ले जा सकता है। आय कर भी पूर्ण तय मुफ्त होगा तथा प्रदेश सरकार एक प्लॉट भी देगी। 

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यह पुरस्कार उन्हें दिल्ली में सशस्त्र सीमा बल की वर्षगांठ पर राष्ट्रपति द्वारा दिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले भी 15 अगस्त 2016 में जगदीश राम को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय पुलिस मेडल व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उन्हें दिल्ली में सशस्त्र सीमा बल की वर्षगांठ पर गृह मंत्री राजनाथ से मिल चुका है।

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जगदीश राम द्वारा अपने बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि वे एसपीजी कमांडो में 7 वर्ष का कार्यकाल में रह कर आए हैं, अभी सातवीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल में कार्यरत हैं। उन्हें पहले भी भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सराहनीय सेवा को मान्यता देते हुए मेडल से राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 

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जगदीश राम 1987 में सशस्त्र सीमा बल में भर्ती हुए है वह अपने कार्य क्षेत्र में दिन रात लगातार कार्य करते हुए 1989 में लांस नायक 1991 में नायक 1997 में हवलदार वर्ष 2006 में सूबेदार तथा वर्ष 2011 में सूबेदार मेजर तथा 2017 में सहायक कमांडेंट के पदों पर सुशोभित रहे हैं।

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वह अपने 34 वर्ष के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश गुजरात भोपाल आसाम बंगाल मणिपुर जम्मू-कश्मीर दिल्ली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप एसपीजी में कार्य कर चुके हैं। असम जैसे जहीन इलाकों में जगदीश कुमार ने 1 वर्ष के अंतराल में भारत भूटान बॉर्डर में गैरकानूनी तस्करी की रोकथाम के दौरान छह करोड़ 20 लाख के समान तथा 36 तस्करों को पकड़ा था। 

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इस सराहनीय योगदान के लिए जगदीश राम को भारत सरकार द्वारा 2008 में महानिदेशक सशस्त्र सीमा में डीजी डिस्क की उपाधि देकर सम्मानित किया जा चुका है। इस समय जगदीश राम अप्रैल 2017 से उच्च पद पर काबिज होते हुए सहायक कमाड़ के पद पर कार्यरत हैं। 

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