हिमाचल के राहुल ने बताया अफगानिस्‍तान का हाल: पैसे-टिकट हो रहे चोरी, एक जगह फंसे 300 भारतीय

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हिमाचल के राहुल ने बताया अफगानिस्‍तान का हाल: पैसे-टिकट हो रहे चोरी, एक जगह फंसे 300 भारतीय


शिमला/मंडी।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्‍जा हिमाचल प्रदेश में भी चिंता का कारण बना है। मंडी जिला के सरकाघाट निवासी दो व्यक्ति फंस गए हैं। इससे स्वजन परेशान हैं। स्वजन ने सीएम जयराम ठाकुर से दोनों व्यक्तियों को सकुशल स्वदेश वापस लाने की गुहार लगाई है। 

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मंडी जिले स्थित रोपा कॉलोनी के रहने वाले राहुल सिंह भुरारी पुत्र बलवंत सिंह जो कि अफगानिस्तान के जलालाबाद में किसी निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, वो भी इस संकट की घड़ी में परदेश में फंसे हुए है। 

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एक समाचार पत्र से विशेष बातचीत के दौरान राहुल ने वहां के हालात से अवगत करवाया। उन्‍होंने बताया अफगानिस्तान में हालात दिन व दिन खराब हो रहे हैं। अराजकता का माहौल है। लोगों के पैसे, पासपोर्ट और टिकट भी चोरी हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोग कैसे वहां से निकल सकेंगे। 20 साल पहले के तालिबानियों और अब के तालिबानियों में फर्क है। उस समय वे विशेष वर्दी में होते थे लेकिन इस बार साधारण कपड़ों में हैं। उनकी बातचीत में भी अब कुछ नरमी है लेकिन यहां फंसा हर व्यक्ति दहशत में है।

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राहुल ने कहा कि हम अपने कैंपस में फंसे हैं। हमने कंपनी को पहले ही त्यागपत्र सौंप दिए थे। तब प्रबंधकों ने सुरक्षा की बात कहकर हमें रोक दिया, लेकिन अब उनके भी हाथ खड़े हैं। रविवार रात को भी कैंपस के बाहर फायरिंग हुई। शर्त लगाई गई है कि हथियार जमा करवाने के बाद बस मिलेगी। अगर हम हथियार दे भी दें लेकिन उन पर भरोसा कैसे करें।

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बकौल राहुल, कंपनी प्रबंधकों को पता था कि तालिबानी नजदीक आ रहे हैं, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई। अब हालात यह हैं कि कंपनी के प्रोजेक्टों में लगे करीब 300 भारतीय एक ही कैंपस में हैं। अब खाना भी कम हो रहा है। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। कुछ लोग बीमार भी हो रहे हैं। हमें रविवार को ड्यूटी पर भेज दिया गया, हालात खराब थे, लेकिन डरते डरते वहां पहुंचे और बाद में कंपनी प्रबंधकों से बात कर वापस कैंपस में आ गए। शाम को फायरिंग हुई और तालिबानी हमारे कैंपस के गेट पर आए और स्थानीय व्यक्ति से बात की। 

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उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यक्ति ने हमें बताया कि तालिबानियों का कहना था कि हमें उनसे कोई खतरा नहीं है। उनकी लड़ाई सरकार से थी और अब सरकार हमारी है। जो भी हथियार हमारे पास हैं, उन्हें दो दिन में तालिबान के हवाले कर दें। हालात सामान्य होने पर सभी को भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

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