अफगानिस्तान में फंसे हिमाचल के नवीन और राहुल: HPU में पढ़ रहे अफगानी छात्र भी हैं चिंतित

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अफगानिस्तान में फंसे हिमाचल के नवीन और राहुल: HPU में पढ़ रहे अफगानी छात्र भी हैं चिंतित


शिमला/मंडी।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्‍जा हिमाचल प्रदेश में भी चिंता का कारण बना है। मंडी जिला के सरकाघाट निवासी दो व्यक्ति फंस गए हैं। इससे स्वजन परेशान हैं। स्वजन ने सीएम जयराम ठाकुर से दोनों व्यक्तियों को सकुशल स्वदेश वापस लाने की गुहार लगाई है। सीएम जयराम ठाकुर ने इस मामले से विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की है। प्रदेश सरकार के अधिकारी काबुल स्थिति भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए हुए हैं। 

ये रहा अफगानिस्तान में फंसे दोनों हिमाचली लोगों का ब्यौरा 

नगर परिषद सरकाघाट के रामनगर का रहने वाला नवीन ठाकुर पुत्र वार्ड दो लाका व राहुल सिंह भुरारी पुत्र बलवंत सिंह रोपा कालोनी का रहने वाला है। नवीन ठाकुर काबुल व राहुल सिंह जलालाबाद में किसी निजी कंपनी में सिक्योरिटी आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। तालिबान के कब्जे के बाद उत्पन्न स्थिति से नवीन ठाकुर काबुल एयरपोर्ट पर जबकि राहुल सिंह जलालाबाद में फंसा हुआ है।

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हिमाचल में चिंता से ग्रस्त हैं अफगानी छात्र 

वहीं, दूसरी तरफ अफगानिस्तान में बिगड़े हालात के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में पढ़ रहे 17 अफगानी छात्र-छात्राएं बेहद दुखी हैं। उन्हें अपने परिवार, सगे संबंधियों और देश की चिंता सता रही है। यहां एमबीए, एमए राजनीति शास्त्र, लोक प्रशासन जैसे विभागों में डिग्री कर रहे इन विद्यार्थियों का कहना है कि उनके देश में तख्ता पलट होने से अब उनकी मुश्किलें बढ़ गई। उन्हें अपने परिवार की चिंता सता रही है। अब आगे क्या होगा, कब हालात सामान्य होंगे, यह सोचकर वे परेशान हैं। 

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यहां पढ़ें क्या कहते हैं अफगानी छात्र 

घर परिवार, देश की चिंता है, आगे क्या होगा इसका कोई पता नहीं है। भारत सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। हम यही चाहते हैं कि तालिबानी भी लोगों की भावनाओं का ख्याल रखें। इससे तालिबानियों और अफगानिस्तान के लोगों के बीच तालमेल बढ़ेगा, सब सामान्य हो जाएगा। 

पत्रकारिता विभाग दूसरा सेमेस्टर  के छात्र वहीद जहीर

पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई (जलालाबाद) को आदर्श मानकर सेल्फ फाइनांसिंग सीट पर पढ़ाई करने आया था। अफगानिस्तान में जो हुआ, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। पूरे देश के लोग टेंशन में हैं। कर्फ्यू लग रहा है। जो स्थिति देश में बनी है, पूरे शहर खामोश हैं।

छात्र मिस्बाउदीन

एमबीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा समीरा ने कहा कि वह खबरें सुनकर अपने देश के हालात जानने का प्रयास कर रही हैं। परिवार की चिंता है। जीवन में पहली बार ऐसी परिस्थितियां देखी हैं। रोज घरवालों से वीडियो कॉल से बात होती है। अब अफगानिस्तान का भविष्य क्या होगा। 

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