CM जयराम के सामने ही उभरी फूट: मंच से ही बोल पड़े पूर्व MLA- नहीं दी गई अहमियत

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CM जयराम के सामने ही उभरी फूट: मंच से ही बोल पड़े पूर्व MLA- नहीं दी गई अहमियत


सोलन।
हिमाचल प्रदेश में जल्द ही उपचुनाव होने हैं। ऐसे में सभी दलों के नेता उन जगहों पर दौरे के लिए जरूर जा रहे हैं, जहां पर उपचुनाव का आयोजन किया जाना है। बता दें कि सूबे की एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव का आयोजन किया जाना है। इसमें से एक सीट सोलन जिले स्थित अर्की विधानसभा की सीट है। जो कि हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और दिग्गज कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खाली हुई है। 

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अब ऐसे में जहां राजा के निधन के बाद खाली हुई सीट को लेकर इस बात का पुख्ता अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस इस सीट को निकाल लेगी। वहीं, इसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भी इस सीट को लेकर एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते कल यहां पर सीएम जयराम की एक जनसभा का आयोजन किया गया। जहां पर अर्की के पूर्व विधायक गोविंद शर्मा ने कहा कि पार्टी के कुछ लोगों ने उन्हें काफी दुखी किया जिससे वह काफी परेशान हैं।

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अर्की चौगान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सामने मंच से कठोर शब्दों में कहा कि पिछले साढे़ तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्हें पार्टी कार्यक्रमों में कोई अहमियत नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इन बातों को पहले भी कई बार वह बता चुके हैं। कहा कि अर्की क्षेत्र में संगठन की कमियां रहीं। इस कारण मुख्यमंत्री का दौरा भी लंबित हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अर्की विधानसभा क्षेत्र में आने के लिए आभार जताया।  उन्होंने कहा कि अर्की क्षेत्र की कई समस्याएं थी।

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कई गांवों के लिए सड़कें भी नहीं थीं। उन्होंने खुद सड़क मार्गों का प्रबंध कर लोगों को पक्की सड़कों और रास्तों की सुविधा दी है। पर्यटन के लिए भी कई प्रोजेक्ट लाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब साढे़ तीन वर्ष साल के कार्यकाल में भाजपा के कार्यकर्ता पिछड़े हैं। क्षेत्र में जो काम होने चाहिए, वह काम नहीं हो सके। हालांकि रत्न सिंह पाल और गोविंद राम शर्मा की रखी मांग को मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया। 

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