हिमाचल: बच्चा पाल न सको तो मारो मत, यहां छोड़ देना- कोई नहीं पूछेगा तुम कौन हो..

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हिमाचल: बच्चा पाल न सको तो मारो मत, यहां छोड़ देना- कोई नहीं पूछेगा तुम कौन हो..


मंडीः
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से कुछ दिन पहले एक बड़ी बुरी खबर सामने आई थी। जहां एक कलयुगी मां ने अपनी दो बच्चियों को खड्ड किनारे मरने के लिए छोड़ दिया था। 

जहां दोनो नवजात बच्चियों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, इस वारदात के बाद क्षेत्र में सनसनी मच गई थी की आखिरकार कोई मां अपने बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है। 

6 साल तक के बच्चों को इस केंद्र में छोड़ सकते हैं

अब ऐसे में नन्हें बच्चों के साथ हो रही इन घटनाओं को रोकने के लिए अब अस्पताल में "पालना शिशु स्वागत केंद्र" की सुविधा दी जा रही है। इस सुविधा के मुताबिक यदि कोई मां-बाप अपने बच्चे का पालन पोषण करने में असमर्थ हैं तो वे 6 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को इस केंद्र में छोड़ सकते हैं। इस संबंध में आपसे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। 

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बता दें कि यह सुविधा मंडी जिले के छः अस्पतालों में उपलब्ध है। जिनमें जोनल अस्पताल मंडी, सिविल असप्ताल सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, करसोग और जंजैहली अस्पताल शामिल हैं।इस संदर्भ में जानकारी देते हुए जिला स्वास्थय अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि बच्चों को न मारा जाए और उन्हें हर कहीं ना छोड़ा जाए। 

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उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए ही यह पालना स्थापित किया गया है। यदि बच्चे के माता-पिता चाहें तो सीधे चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के समक्ष भी बच्चे छोड़ सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी लोगों से इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील भी कि है। ताकि बच्चों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार को रोक जा सके।

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