हिमाचल: स्वागत में नहीं बजा बैंड तो साधु-संत नाराज; BJP विधायक को मांगनी पड़ गई माफ़ी

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हिमाचल: स्वागत में नहीं बजा बैंड तो साधु-संत नाराज; BJP विधायक को मांगनी पड़ गई माफ़ी


चंबा:
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्तिथ विश्वप्रसिद्ध मणिमहेश के राधाष्टमी के शाही स्नान के लिए पवित्र दशनाम छड़ी मंगलवार शाम मुख्यालय से रवाना हुई। लेकिन यात्रा की अगुवाई करने वाले महंत यतिंद्र गिरी नाराज हो गए हैं।

माफी मांगने पहुंचे विधायक और SDM:

दशनाम अखाड़ा चंबा के महंत यतिंद्र गिरि ने लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में बगैर प्रसाद लिए ही साधुओं को आगामी पड़ाव की तरफ बढऩे को कहा। उनके नाराजगी की वजह से थी फीके तरीके से स्वागत करना। प्रशासन का उत्साह नजर नहीं आना। 

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महंत जी के नाराजगी का पता चलते ही चंबा सदर से विधायक पवन नैय्यर मंदिर पहुंचे और उन्होंने महंत जी और अन्य साधु संतों से भूल हेतु माफी मांगी। जिसके बाद जत्था प्रसाद ग्रहण कर आगे बढ़ा।

प्रशासन ढ़ोल नगाड़ों के साथ चलता था, इस बार कोई नहीं पहुंचा:

बता दें कि हर वर्ष इस छड़ी यात्रा के दौरान जिला प्रशासन की तरफ से अधिकारी दशनाम अखाड़ा पहुंच कर छड़ी यात्रा के साथ चलते थे।

प्रशासन छड़ी यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक करता था। छड़ी यात्रा के लिए बैंड-बाजे की व्यवस्था भी प्रशासन करता था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी छड़ी यात्रा में शामिल हुआ और न ही बैंड-बाजे की कोई व्यवस्था की गई।

विधायक-SDM ने दी ये दलील:

विधायक पवन नैय्यर का कहना था कि कम्युनिकेशन गैप के चलते ऐसा हुआ है। अगली बार से ऐसा हरगिज नहीं होगा। 

वहीं, एसडीएम सदर नवीन तंवर ने मौके पर पहुंच कर महंत से इस मामले को लेकर बातचीत करने के साथ आश्वासन दिया कि इससे आगे की यात्रा में उन्हें इस प्रकार की किसी भी परेशानी का उन्हें सामना नहीं करना पड़ेगा।

यात्रा में शामिल होते हैं देश भर के साधु-संत:

बता दें कि यह छड़ी यात्रा छह दिनों तक विभिन्न पड़ावों पर ठहराव के उपरांत 12 सितंबर की शाम मणिमहेश डल पहुंचेगी। छड़ी यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों व अखाड़ों से आए साधु संत शामिल होते हैं।

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