हिमाचल: सेब के अच्छे दाम के लिए अड़ गईं दो बहनें, खरीददार को झुकना पड़ गया- पढ़ें रिपोर्ट

Ticker

6/recent/ticker-posts

हिमाचल: सेब के अच्छे दाम के लिए अड़ गईं दो बहनें, खरीददार को झुकना पड़ गया- पढ़ें रिपोर्ट


शिमला:
सेब का उचित मूल्य नहीं मिलने से हिमाचल के बागबाग परेशान हैं ही। लेकिन इन सबके बीच बाजार में सेब बेचने पहुंची दो महिला बागवानों की चर्चा खूब हो रही है। बताते हैं आपको पूरा प्रकरण...

दरअसल, शिमला जिला के ननखड़ी के खुन्नी पनोली से दो बहनें पिंका नेगी और कल्पना अपना सेब बेचने जिले की मतियाना फल मंडी पहुंची।

दो बहनों के आगे खरीददार को झुकना पड़ा:

खरीददार ने उनके 28 किलो वजन के एक पेटी सेब का मूल्य 1450 रुपए लगाया। जिस पर उन्होंने खरीदार को दो टूक कह दिया, हमें बच्चे भी पालने हैं सही रेट दो, सेब की क्वालिटी देखो, कोई रस्टिंग नहीं है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में कोरोना के बीच स्क्रब टायफस भी हुआ जानलेवा: 19 साल की लड़की का दुखद निधन

खरीदार बोला, माल में छीटा (ओले के निशान) हैं। 

महिला बोली, थोड़ा तो होगा ही, बड़े पेड़ में जाली के बाहर लग जाता है। वेट, कलर में कोई कमी है तो बोलो। 

सोशल मीडिया का जमाना है, हमें सब पता है:

खरीदार बोला, सेब नहीं बिकता मैडम वक्त बिकता है, आजकल यही मार्केट है। 

महिला बोली, हमें पता है ये सेब जब स्टोर से निकलेगा तो 250 रुपये बिकेगा। इंटरनेट का जमाना है हम सब देखते हैं। 

यह भी पढ़ें: 'ससुरालियों ने मेरी बेटी को मारकर पेड़ से लटकाया, बिना सिर के नहीं करेंगे अंतिम संस्कार'

जिसके बाद खरीदार रेट 1475 रुपये कर देता है। महिलाएं 1500 रुपये पर अड़ी रहती हैं। जिद के आगे खरीदार 1500 रुपये देने को राजी हो जाता है। 

बागबानों की चौकीदारों से भी बुरी स्थिति:

दोनों बहनें पिंका नेगी और कल्पना ने कहा कि बागवान को मंडियों में फसल के सही रेट के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। सरकार कुछ नहीं कर रही। दवाइयों पर सब्सिडी खत्म कर दी है। कार्टन के रेट बढ़ा दिए हैं। बगीचे काट कर कोई और खेती करने का मन करता है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: मंत्री जी के बेटे की खुल गई पोल! 6 लाख रूपए से अधिक की हुई है गड़बड़

पहले प्रकृति ने ओलों की मार मारी अब मंडियों में खरीदार मनमानी करते हैं। बागवानों से ज्यादा लेबर कमा रही है, हम चौकीदार बन गए हैं।

पति नहीं, इतने मंदी में कैसे भड़ेगा पेट:

पिंका ने बताया कि उनके पति नहीं हैं, बेटा नौकरी करता है, इसलिए खुद सेब बेचने आना पड़ा। क्वालिटी के हिसाब से उनका सेब को 2000 रेट मिल सकता था।

यह भी पढ़ें: ज्योति के गांव वाले बोले- ससुराल के आंगन में ही होगा अंतिम संस्कार, मां रो-रो कर पूछ रही एक ही सवाल

700 तो पेटी पर खर्चा आ जाता है। सरकार हमारी नहीं सुनती। कंपनियों ने 72 रुपये रेट खोले हैं। उनको बढ़िया माल ही चाहिए। हल्का माल वापिस कर देते हैं।

लाखों का होता है नुकसान: खरीददार

वहीं, खरीददार ने बताया कि पिछले साल भी रेट गिरे थे। माल की क्वालिटी सही नहीं आ रही है। पिछले साल 2500 में भी माल खरीदा था लाखों का नुकसान हुआ।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में पति-पत्नी कर रहे थे चरस का धंधा: पुलिस ने नशे की खेप संग दोनों को किया अरेस्ट

महंगे डीजल और मनमानी कमीशन से बचाने के लिए सरकार को सोचना चाहिए। जो माल लेकर भागते हैं वो व्यापारी नहीं चोर हैं।

Post a Comment

0 Comments