IGMC का अवैध लंगर: प्रशासन कह रहा था हटा लो- नहीं माने तो उठाकर फेंका: अब कैसा बवाल ?

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IGMC का अवैध लंगर: प्रशासन कह रहा था हटा लो- नहीं माने तो उठाकर फेंका: अब कैसा बवाल ?

शिमला: आईजीएमसी (IGMC) शिमला के पार्किंग में चल रहे ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था के लंगर को हटा दिया गया है। बता दें कि यह लंगर अवैध रूप से चल रहा था। बिजली-पानी कनेक्शन से लेकर जगह तक संस्था का नहीं था।

31 मार्च थी लंगर हटाने की अंतिम तिथि:

लंगर को लेकर विवाद पिछले कई महीनों से चल रहा था। उक्त संस्था के संस्थापक सरबजीत सिंह बॉबी ने 22 जनवरी, 2021 को कहा भी था कि 31 मार्च तक लंगर हटा लिया जाएगा। तब तक की अनुमति प्रदान की जाए।

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जिसके बाद भी लंगर नहीं हटाया गया। अंततः शनिवार को आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज के नेतृत्व में अस्पताल प्रशासन ने लंगर को अस्पताल परिसर से हटा दिया गया।

हटाने के दौरान प्रशासन से भीड़ गए लंगर कर्मी:

लंगर हटाने से पूर्व वैध दस्तावेज भी मांगे गए। लंगर प्रबंधक कोई भी वैध कागज नहीं दिखा पाए। जिसके बाद प्रशासन के तरफ से कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान लंगर कर्मी और प्रशासन के बीच नोंक-झोंक भी हुई लेकिन प्रशासन के आगे उन्हें झुकना पड़ा।

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गौरतलब है कि ऑलमाइटी ब्लेसिंग संस्था के द्वारा आईजीएमसी कैंसर अस्पताल के समीप पिछले छह साल से लंगर चलाया जा रहा था। इलाज कराने आए लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता था।

स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं संस्थापक सरबजीत सिंह बॉबी:

एमएस डॉ. जनक राज ने बताया कि आईजीएमसी की संपत्ति पर अवैध कब्जा था, जिसे हटाया गया है।

वहीं, सरबजीत सिंह बॉबी का कहना है कि वह अभी अपने किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। जिस कारण वह लंगर हटाए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन करने में असमर्थ हैं।

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