हिमाचल में प्रकृति का कोप: आसमानी बिजली से 18 जानवर मरे, भूस्खलन से सड़क पर गिरा बड़ा पत्थर

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हिमाचल में प्रकृति का कोप: आसमानी बिजली से 18 जानवर मरे, भूस्खलन से सड़क पर गिरा बड़ा पत्थर


चंबा/ बिलासपुरः
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के चलते दो अलग-अलग जिलों से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक तरफ आसमानी बिजली ने अपना कहर बरपाया है। 

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वहीं, दूसरी तरफ भारी बारिश के कारण भूस्खलन के चलते लोगों को काफी नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही की दोनों ही मामलों में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। आईए एक-एक कर दोनों मामलों के बारे में जानते हैं। 

बिजली गिरने से हुई 13 बकरियां व 5 बकरों की मौत-13 घायल

पहला मामला प्रदेश के चंबा जिले से रिपोर्ट हुआ है। जहां जिले के अंतर्गत आते उपमंडल सलोणी के उपरी क्षेत्र में थथीधार पर टेक चंद अपने साथियों देवराज व अन्य के साथ अपनी बकरियां चराने गया हुआ था। 

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इस दौरान रात के समय अचानक से आसमानी बिजली गिरने से तीनों भेड़ पालकों की करीब 11 बकरियों व 5 बकरों की मौत हो गई। जबकि 13 बकरियों के घायल होने की सूचना मिली है। 

गनीमत यह रही कि तीनों भेडपालक बिजली की चपेट में आने से बच गए। वहीं, स्थानीय पंचायत की प्रधान ने प्रशासन से भेड़-पालकों को उचित मुआवज़ा देने की बात की है।

भूस्खलन से गिरी चट्टान, टूट गया लंगर हॉल सड़क में आई दरारें-

दूसरा मामला प्रदेश के कांगड़ा जिले से सामने आया है। जहां भारी बारिश के कारण जिले स्थित श्री नैना देवी में भूस्खलन होने के कारण एक बड़ी चट्टान गिरकर सड़क पर आ गई। जिस वजह से नीचे स्थित गांव मंडियाला में बने सेड नुमा बना लंगर हॉल इसकी चपेट में आने से टूट गया। 

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चट्टान गिरने की वजह से सड़क पर भी काफी दरारें आई हैं। गनीमत यह रही की जब यह चट्टान नीचे गिरी तो उस समय वहां से कोई गुजर नहीं रहा था। नहीं तो बड़ा हादसा पेश आ सकता था। स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से सड़का का पुनर्निर्माण करने की मांग की है।

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