HRTC को हो रहे घाटे के बीच सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ चलेंगी बसें! खाली हो गया है कोष

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HRTC को हो रहे घाटे के बीच सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ चलेंगी बसें! खाली हो गया है कोष


शिमला।
देश में कोरोना महामारी को दस्तक दिए लगभग डेढ़ साल का वक्त बीत चुका है। इस सब के बीच देश की अर्थव्यवस्था को काफी तगड़ी चोट पहुंची है। 

इसी कड़ी में हिमाचल पथ परिवहन निगम को भी अच्छा ख़ासा नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, मौजूदा वक्त की बात करें तो  रिवहन निगम का कोष खाली है। कर्मचारियों देने के पैसे तक नहीं हैं। कर्मचारियों की देनदारियां भी लंबित हैं। 

निगम प्रबंधन ने सरकार के पास प्रस्ताव भेजा 

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ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदेश की जयराम सरकार सूबे में सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसों के संचालन का फैसला लेने की तैयारी में है। 

निगम प्रबंधन की तरफ से इस सम्बन्ध में सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। अब ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने और निगम के लगातार घाटे में जाने पर सरकार यह फैसला कर सकती है। 

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बता दें परिवहन निगम के बेड़े में 34 सौ के करीब बसें हैं। वहीं, मौजूदा वक्त में प्रदेश के करीब 2100 रूटों पर बसें चल रही हैं। इसी तरह करीब एक हजार रूटों में बसें नहीं चलाई जा रही हैं। 

हिमाचल के अलावा परिवहन निगम के बाहरी राज्यों के सभी रूट फायदे वाले हैं। परिवहन निगम की ओर से करीब 400 बाहरी राज्यों के रूटों पर बसें दौड़ाई जा रही हैं। इनमें 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के चलते कमाई कम हो रही है।

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परिवहन निगम की मानें तो करीब एक महीने से बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसें चलाई गई हैं। इससे निगम को करीब एक करोड़ तक कमाई हो रही है। 

सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बसें चलने से निगम को प्रतिदिन ढाई करोड़ की कमाई होती थी। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि परिवहन निगम ने यह मामला उठाया है। इस पर विचार चल रहा है। इस पर कैबिनेट में भी चर्चा की जा सकती है। 

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