चेतन बरागटा की खरी-खरी: नड्डा और अन्य नेताओं के संपर्क में हूं पर नामांकन नहीं लूंगा वापस

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चेतन बरागटा की खरी-खरी: नड्डा और अन्य नेताओं के संपर्क में हूं पर नामांकन नहीं लूंगा वापस


शिमला।
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। इसी कड़ी में जुब्बल कोटखाई विधानसभा क्षेत्र का माहौल भी इन दिनों उपचुनाव की वजह से गरमाया हुआ है। दिवंगत विधायक नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा को बीजेपी की तरफ से टिकट ना मिलने के कारण बीजेपी के वोटर काफी हद तक बंट गए हैं। 

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इस सब के बीच अपनी सीट बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार चेतन को मानाने में जुटे हुए हैं। वहीं, अब इस मसले पर जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय नामांकन भर चुके चेतन का बड़ा बयान सामने आया है। चेतन ने साफ़ कह दिया है कि वो किसी भी सूरत में अपना नामांकन वापस नहीं लेने वाले हैं। 

मेरे समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं

इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार है कि वे  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के संपर्क में हैं। वहीं, नामांकन वापस ना लेने के पीछे उन्होंने यह तर्क दिया है कि नामांकन वापस इसलिए नहीं ले सकता, क्योंकि मेरे समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं। 

भारद्वाज ने नहीं कटवाया टिकट, बल्कि सबसे ज्यादा मदद की

चेतन का कहना है कि उनका टिकट शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने नहीं कटवाया, बल्कि भारद्वाज ने तो टिकट दिलाने में सबसे ज्यादा मदद की। सूत्रों द्वारा इस सम्बन्ध में जानकारी सामने आई है कि जेपी नड्डा ने चेतन से बात भी की है। शनिवार को अनौपचारिक बातचीत के दौरान बरागटा ने कहा कि गत दिन कुछ कार्यकर्ताओं ने भ्रमवश भारद्वाज के खिलाफ नारेबाजी की। 

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उन्होंने कहा कि अब वह किसी भी सूरत में अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, क्योंकि अब लड़ाई जुब्बल-कोटखाई के सम्मान की होगी। यहां नरेंद्र बरागटा ने ही भाजपा को खड़ा किया है। इसलिए यहां असली बीजेपी हम हैं। चेतन बरागटा ने कहा कि मंत्री सुरेश भारद्वाज उनके टिकट के लिए लड़े हैं। 

नीलम की जगह किसी और को देते तो भी ठीक था 

बकौल चेतन, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर आदि सबने उनके टिकट की पैरवी की है। लोगों ने भ्रमवश ऐसे ही मान लिया है कि भारद्वाज ने टिकट कटवाया है। ये अब पुरानी बात है। चेतन बोले कि जब 6 अक्तूबर को उनका टिकट काटकर नीलम सरैईक को दिया गया था, तभी उन्होंने कहा था कि नीलम की जगह किसी और को टिकट दे दो। अब नामांकन का वक्त हो चुका है। 

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उन्होंने कहा कि 6 अक्तूबर की रात और 7 की सुबह उनकी टिकट कटी। 8 अक्तूबर तक वह कहते रहे कि यहां से सात लोग बीजेपी से मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। 25 से 30 कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। उनका स्टैंड बहुत स्पष्ट है कि सुरेश चौहान, उमेश शर्मा, गोपाल जबैईक, अरुण पालटा आदि को टिकट दे देते। चेतन बरागटा ने कहा कि वह तो अभी भी कह रहे हैं कि पार्टी अपने निर्णय पर दोबारा विचार करे। वह चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए नीलम को बैठाएं और उन्हें भाजपा का ऑफिशियल उम्मीदवार घोषित करें। 

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