हिमाचल के सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग की चेतावनी, नहीं मानी बात तो प्रचार से होंगे बैन

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हिमाचल के सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग की चेतावनी, नहीं मानी बात तो प्रचार से होंगे बैन

शिमला: कोरोना काल के बीच हिमाचल प्रदेश में हो रहे उपचुनाव में कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिस बाबत अब चुनाव आयोग सख्त हो गया है। कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।

चुनाव आयोग हुआ सख्त:

बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा भाजपा, कांग्रेस के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों को भी नोटिस जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि अगर निर्देशों का उल्लंघन होता है तो प्रत्याशी को प्रचार के लिए भविष्य में कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। 

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साथ ही उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, साथ ही चुनाव आयोग ने कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्ती से एक्शन लेने के निर्देश भी दिए हैं। 

CM की रैली में भी हुआ उल्लंघन:

गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद से चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार के दौरान की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। जिसमें प्रत्याशी कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं।

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भाजपा और कांग्रेस की रैलियों में भी कोरोना निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। सोमवार को अर्की विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई रैली में भी कोविड नियमों का खुलेआम उल्लंघन हुआ। लोगों ने न मास्क पहने थे और न ही उचित दूरी के नियम का पालन हुआ।

कांग्रेस के रैलियों में भी जुट रही भीड़:

यही हाल कांग्रेस पार्टी के रैलियों का भी है। मंडी में प्रतिभा सिंह के रैलियों में भी भीड़ जुट रही है। काफी लोग बिना मास्क के होते हैं। सामाजिक दूरी का भी कोई अहतियात नहीं बरता जा रहा है। दोनों पार्टियां ताबरतोड़ रैलियां किए जा रही हैं।

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जिसके बाद अब कोविड निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए मुख्य सचिव, डीजीपी और जिलों के अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है। कहा गया है कि अगर कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल कोविड-19 की गाइडलाइंस का उल्लंघन करता है तो उसे किसी भी सूरत में आगे रैली या बैठक के लिए अनुमति न दी जाए। 

चुनाव प्रचार में ही संक्रमित हुए थे बरागटा:

खास बात यह है कि जुब्बल कोटखाई के विधायक रहे नरेंद्र बरागटा भी नगर निगम के चुनाव के दौरान कोरोना की चपेट में आ गए थे। पीजीआई चंडीगढ़ में लंबे समय तक उनका इलाज चला। जिसके बाद वो कोरोना से जंग हार गए थे। ऐसे में चुनाव के बीच कोविड नियमों का पालन काफी अनिवार्य हो जाता है।

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