करवा चौथ आज, आठ साल बाद बन रहा खास संयोग, नोट कर लें पूजा- विधि, नियम और चांद निकलने का समय

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

करवा चौथ आज, आठ साल बाद बन रहा खास संयोग, नोट कर लें पूजा- विधि, नियम और चांद निकलने का समय

करवा चौथ (करक चतुर्थी) आह रविवार 24 अक्टूबर को है। इस बार आठ सालों के बाद विशेष संयोग बन रहा है। रोहिणी नक्षत्र और मंगल योग एक साथ आ रहा है। चन्द्रमा के साथ प्रिय पत्नी रोहिणी के साथ रहना अद्भूत योग का निर्माण कर रहा है। साथ ही रविवार का दिन काफी शुभ संयोग माना जा रहा है।

ये है उत्तम समय:

करवा चौथ की प्रात:काल सूर्य की उपासना एवं संध्या चन्द्रमा की उपासना करने का विधान है। रविवार को चन्द्रमा का उदय रात्रि 8 बजकर 5 मिनट पर होगा। सुहागन महिलाएं शिव परिवार की पूजा के साथ चन्द्रमा को अर्घ्य देंगी। इस बार 8.58 तक सर्वार्थ सिद्धि योग और रात्रि 9 बजे से 11 बजे तक याचीज योग बन रहा है।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान :

  • सुहागगिनों को इस दिन कुछ बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। 
  • सुहाग सामग्री चूड़ी, लहठी, बिंदी, सिंदूर आदि कचरा के डब्बे में नहीं फेंकाना चाहिए।
  • इतना ही नहीं अगर चूड़ी पहनते समय टूट भी जाए तो उसे संभालकर पूजा स्थान पर रख दें। 
  • सबसे खास यह कि अपने मन में पति के अलावा किसी भी अन्य पुरुष का किसी भी तरह का कोई विचार न लाएं। साथ ही इस दिन किसी भी सुहागन को बुरा-भला कहने की गलती बिल्कुल भी न करनी चाहिए।

पूजन-विधि:

करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपडे़ पहन कर करवा की पूजा-आराधना कर उसके साथ शिव-पार्वती की भी पूजा का विधान हैं। क्योकि माता पार्वती ने कठिन तपस्या कर शिवजी को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया था। इस लिये शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।

इस त्योहार पर सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूर्ण करती हैं। वहीं, कुंवारी लड़कियां तारों के दर्शन करने के बाद पानी पी सकती हैं। गर्भवती और बीमार महिलाओं को व्रत नहीं करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: बेटियों के साथ मिलकर नशे का कारोबार करता था पिता, दो शादीशुदा, एक कुवांरी; गिरफ्तार

पति-पत्नी के बीच विश्वास और अटूट प्रेम का त्योहार करवाचौथ कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। वास्तु के अनुसार इस त्योहार पर कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं। 

आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में:

  • मान्यता के अनुसार करवाचौथ के दिन सुई-धागे का इस्तेमाल वर्जित है। 
  • इस दिन कैंची का इस्तेमाल भी अशुभ माना जाता है। इस दिन कैंची को कहीं छिपाकर रख दें ताकि आपकी नज़र भी इस पर ना पड़े। 
  • सुहाग की चीज़ों को बहते जल में प्रवाहित कर दें और अपने सुहाग की रक्षा के लिए प्रार्थना करें। इस पवित्र त्योहार पर सफेद या काले रंग के कपड़े न पहनें। 
  • शुभ अवसर पर काले या सफ़ेद रंग के कपड़े पहनना उचित नहीं माना जाता है। इस दिन लाल रंग के कपड़े धारण करें। 
  • इस त्योहार पर सफ़ेद चीज़ें जैसे दूध, दही या चावल आदि का दान न करें। करवाचौथ पर अपने मन और विचारों में पवित्रता लाएं। 
  • मानसिक रूप से शांत रहें। किसी के प्रति घृणा, ईर्ष्या या नकारात्मक भाव न रखें। 

इस त्योहार पर भगवान श्रीगणेश को घी-गुड़ का भोग लगाकर संकट दूर करने के लिए प्रार्थना करें। पूजा के बाद घी और गुड़ गाय को खिला दें। इस दिन भगवान श्रीगणेश को 21 गुड़ की गोलियां बनाकर दूर्वा के साथ अर्पित करें। इससे परिवार में प्रेम बना रहता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ