पूर्व मंत्री, आठ बार के विधायक के पास नहीं है चुनाव लड़ने को पैसे, बताया कारण

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पूर्व मंत्री, आठ बार के विधायक के पास नहीं है चुनाव लड़ने को पैसे, बताया कारण

मंडी: हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और आठ बार के विधायक कौल सिंह ठाकुर के पास चुनाव लड़ने के पैसे नहीं हैं। उन्हों एमेदिया को दिए बयान में बताया कि मंडी लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ने के लिए उनके पास संसाधनों और धनराशि की कमी है।

चुनाव में खर्च कर सकते हैं 77 लाख:

बता दें कि कौल सिंह ठाकुर के इस बयान के बाद से मीडिया जगत में चर्चा है कि कौल सिंह समेत कांग्रेस पार्टी के अधिकांश नेता चाहते हैं कि मंडी से प्रतिभा सिंह चुनाव लड़ें। 

इस कारण उन्होंने संसाधन के अभाव का बहाना दिया है। चुनाव आयोग के तरफ से लोकसभा चुनाव में खर्चे की सीमा 70 लाख थी. जिसे अब बढ़ा कर 77 लाख कर दी गई है।

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वहीं, दूसरा वजह है कि कौल सिंह हमेशा से प्रदेश की राजनीति करते आए हैं। ऐसे में प्रदेश छोड़ दिल्ली जाना उनके राजनीतिक करियर के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने मीडिया से कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा का आखिरी चुनाव उन्हें लड़ना है। 

चार लाख वोट से कोई नहीं हारा:

इस बयान से भी स्पष्ट है कि कौल सिंह चाहते हैं कि यदि अगली बार कांग्रेस की सरकार बनती है तो उन्हें बड़ा मंत्री पद मिले। केंद्र में जाकर वह विपक्ष की राजनीति नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी जिसे भी मंडी से प्रत्याशी तय करेगी, उसके लिए पूरी मेहनत से काम किया जाएगा।

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वहीं, उन्होंने पंडित सुखराम के पोते के दावेदारी को लेकर कहा कि आज तक मंडी सीट से भाजपा या फिर कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी चार लाख वोटों की अंतर से चुनाव नहीं हारा था। 

लेकिन वर्ष 2019 के चुनाव में चार लाख वोट के अंतर से कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी आलाकामन इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उम्मेदवार का नाम तय करे।

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