मंडी उपचुनाव: ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, उनके बनाये संगठन ने विरोध में खोला मोर्चा

Ticker

6/recent/ticker-posts

मंडी उपचुनाव: ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, उनके बनाये संगठन ने विरोध में खोला मोर्चा

मंडी: उपचुनाव में मंडी लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की मुश्किलें उनके ही द्वारा पूर्व में बनायीं गई संगठन ने बढ़ा दी है। उनके खिलाफ ही मोर्चा खोलने की तैयारी चल रही है।

फोरलेन प्रभावितों की थी लड़ाई:

बता दें कि खुशाल ठाकुर ने फोरलेन निर्माण से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान, उनकी आवाज उठाने के लिये एक संगठन 'हिमाचल प्रदेश भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच' का गठन किया था।

उक्त संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बीआर कौंडल ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने फोरेलन प्रभावितों के आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए उन्हें पहले सैनिक कल्याण बोर्ड का चैयरमैन नियुक्त कर दिया और अब मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए टिकट दे दिया।

यह भी पढ़ें: हिमाचलः भैंस को देखने जाना पड़ा महंगा; सीढियां बनी काल चली गई जान

हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि फोरलेन आंदोलन को खड़ा करने के ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई है। लेकिन इस आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार खुशाल ठाकुर पर मेहरबान हो रही है।

सरकार ने नहीं उठाया कोई कदम:

बीआर कौंडल ने कहा है कि भाजपा की सरकार ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र में फोरलेन प्रभावितों के लिए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को लागू करने का वादा किया था, लेकिन आज चार वर्ष बीत जाने के बावजूद भी प्रदेश सरकार इस कानून को लागू नहीं कर पाई है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल पहुंचा देश द्रोह का आरोपी कन्हैया, कांग्रेस के पक्ष में की बयानबाजी; मांगे वोट

बल्कि इस मामले में चौथी बार कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जा चुकी है। उन्हें मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं। वहीं मंडी जिले की बल्ह वैली में प्रस्तावित हवाई अड्डा प्रभावितों के पुर्नवास के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। 

ये हैं मांगे:

  • भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पूर्णतया लागू करना। 
  • भूमि मुआवजा बाजार भाव से तय करना। 
  • भूमि व मकानों के मुआवजा का निपटारा शीघ्र करना आदि मांगे शामिल हैं।

बता दें कि आगामी 22 अक्टूबर को उक्त संगठन मंडी में रैली का आयोजन करने जा रही है। जिसमें आन्दोलन को लेकर आगामी रणनीति के बारे में योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उनके नेता पर कितना भी मेहरबान हो जाए यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। हम इसे रुकने नहीं देंगे। 

Post a Comment

0 Comments