हिमाचल के 52 और देश के 527 शहीदों का अपमान कर गई प्रतिभा सिंह, कहा: युद्ध लड़ना मामूली काम

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हिमाचल के 52 और देश के 527 शहीदों का अपमान कर गई प्रतिभा सिंह, कहा: युद्ध लड़ना मामूली काम

मंडी: लोकसभा सीट मंडी से उपचुनाव लड़ रहीं प्रतिभा सिंह चुनाव प्रचार के दौरान सैनिकों का अपमान कर बैठी हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले सैनिकों के बलिदान का भी अपमान किया है।

लड़ाई में शहीद होना कोई बड़ी बात नहीं :

दरअसल, एक जनसभा के संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि मंडी सीट से भाजपा ने एक फौजी को टिकट दिया है। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने कारिगल की लड़ाई लड़ी थी। कारगिल की लड़ाई लड़ना कोई बड़ी बात नहीं थी।

उन्होंने आगे कहा कि कारगिल की लड़ाई लड़ना कोई बड़ी युद्ध नहीं थी। वह हमारी जमीन थी जिस पर पकिस्तान ने कब्जा किया था। जिसे भगाना था। यह कोई बड़ी भारी बात नहीं थी। लड़ाई लड़ने के बदौलत किसी को टिकट देना सही बात नहीं है।

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प्रतिभा सिंह यहीं नहीं रुकीं उन्होंने आगे कहा कि भाजपा पूर्व सैनिकों का वोट अपने पक्ष में करना चाहती है। लेकिन आपने इस चक्कर में नहीं पड़ना है। आपको यह देखना है कि आपके क्षेत्र का विकास किसने किया है।

हिमाचल के 52 वीर सपूतों ने दी थी शहादत:

बता दें कि कारगिल का युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच मई और जुलाई 1999 के बीच कश्मीर के करगिल जिले हुआ था। 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। जिसमें अपने हिमाचल प्रदेश के 52 वीर सपूत बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे।

करीब दो महीने तक चला कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस और जांबाजी का ऐसा उदाहरण है जिस पर हर भारतीय देशवासी को गर्व है। करीब 18 हजार फीट की ऊँचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में देश ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था। वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे। युद्ध में 2700 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 250 पाकिस्तानी सैनिक जंग छोड़ के भाग गए।

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