बाग़ी हुए चेतन बरागटा ने निर्दलीय भरा नामांकन: पार्टी से निष्कासन तय, बोले- दिल में रहेगा कमल

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बाग़ी हुए चेतन बरागटा ने निर्दलीय भरा नामांकन: पार्टी से निष्कासन तय, बोले- दिल में रहेगा कमल


शिमला।
हिमाचल प्रदेश की चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव का रण अब पूरी तरह से सज चुका है। नामांकन के आखिरी दिन आज सभी प्र्तायाशियों ने परचा भरने की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया है। इसी कड़ी में बीजेपी के बागी बने चेतन बरागटा ने आज जुब्बल-कोटखाई सीट पर बतौर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया।

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आगामी उपचुनाव में बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती माने जा रहे चेतन इस सीट पर विधायक रहे नरेंद्र बरागटा के पुत्र हैं, जिनके निधन के कारण यहां उपचुनाव हो रहे हैं। 

अब उनकी जगह नीलम सरैक को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज़ चेतन बरागटा ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि वो अब भी खुद को बीजेपी का कार्यकर्ता मानते हैं। हालांकि, उनका पार्टी से निष्कासन होना तय है, लेकिन कमल का फूल हमेशा उनके दिल में रहेगा और वो बीजेपी के कार्यकर्ता रहेंगे।  

15 साल पार्टी संगठन को दिए और खून-पसीने से पार्टी को सींचा

इसके साथ ही चेतन ने सीएम  जयराम ठाकुर और बीजेपी संगठन से फिर आग्रह किया कि पार्टी उम्मीदवार को लेकर पुनः विचार करें। पैराशूट से उतरे उम्मीदवार को न ही बीजेपी कार्यकर्ता और न ही जुब्बल-कोटखाई की जनता मानेगी।  

चेतन बरागटा के मुताबिक उन्हें बताया गया कि परिवारवाद की वजह से टिकट नहीं दिया गया है। लेकिन उनका मानना है कि वो परिवारवाद की परिभाषा में नहीं आते, क्योंकि उन्होंने लगातार 15 साल पार्टी संगठन को दिए और खून-पसीने से पार्टी को सींचा। 

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टिकट वितरण पर परिवारवाद का फार्मूला सिर्फ बरागटा परिवार पर ही लगाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसे उम्मीदवार को टिकट दिया, जिसने बीजेपी समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ जिला परिषद चुनाव लड़ा है। उन्होंने टिकट वितरण पर जुब्बल-कोटखाई विस क्षेत्र के प्रभारी व बीजेपी के मंत्री सुरेश भारद्वाज पर भी निशाना साधा।

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