उपचुनाव के बाद भी चेतन का बगावती तेवर जारी, BJP के बड़े नेता पर लगाए गंभीर आरोप

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उपचुनाव के बाद भी चेतन का बगावती तेवर जारी, BJP के बड़े नेता पर लगाए गंभीर आरोप

शिमला : हिमाचल प्रदेश उपचुनाव में जुब्बल कोटखाई सीट से उपचुनाव परिणाम में दुसरे स्थान पर आने वाले निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसके बाद से बीजेपी में वापसी के आसार भी कम नजर आ रहे हैं।

कहा: मेरे पास है साक्ष्य-

चेतन बरागटा ने नाम नहीं लेते हुए कहा कि जिला शिमला के एक बड़े नेता ने सोची-समझी रणनीति के तहत अंतिम समय में वोट कांग्रेस की ओर शिफ्ट करवाए। इसके पूरे तथ्य उनके पास मौजूद हैं। भाजपा ने सिर्फ उन्हें रोकने के लिए उपचुनाव लड़ा।

जुब्बल जोन के हाटकोटी में चेतन अपने समर्थकों के साथ बैठक में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जुब्बल-कोटखाई में 90 के दशक में भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विरुद्ध भी चुनाव लड़ा। उस समय भी भाजपा को 14 प्रतिशत से अधिक मत मिले। 

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इस बार भाजपा मात्र चार प्रतिशत वोट बैंक पर सिमट गई है। इससे साफ होता है कि भाजपा के बड़े नेता ने मुझे रोकने के लिए कांग्रेस को वोट शिफ्ट करवाया है। 

वापसी के संभावना कम:

बता दें कि चेतन बरागटा पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे हैं। नरेंद्र बरागटा के निधन के बाद ही यह सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में भाजपा ने अपना टिकट नीलम सराइक को दिया। परिवारवाद की वजह से चेतन का टिकट काट दिया गया। जिसके बाद चेतन निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे और 22 हजार के करीब वोट के साथ दुसरे स्थान पर रहे।

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बीजेपी उम्मेदवार नीलम सराइक का जमानत जब्त हो गया। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार रोहित ठाकुर करीब छह हजार के अंतर से चुनाव में जीत दर्ज की। चेतन बरागटा को बागी होने के कारण पार्टी से पांच वर्षों के लिए बाहर कर दिया गया। हार के बाद भी उनका बगावती तेवार जारी है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा में उनके वापसी की संभावना काफी कम है।

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