जेसीसी मीटिंग कल: पौने तीन लाख कर्मियों की टिकी निगाहें, होंगे ये प्रमुख निर्णय

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

जेसीसी मीटिंग कल: पौने तीन लाख कर्मियों की टिकी निगाहें, होंगे ये प्रमुख निर्णय


शिमला।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए कल का दिन काफी बड़ा होने वाला है। दरअसल, कल पूरे 6 साल बाद शिमला स्थित पीटरहाफ में संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक का आयोजन किया जाना है। इस बैठक पर सूबे के करीब पौने तीन लाख कर्मियों की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में सीएम जयराम ठाकुर  पंजाब की तर्ज पर छठे वेतनमान की घोषणा कर सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल BJP नेता सहित 9 आरोपियों के खिलाफ 450 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

बैठक कल सुबह 11 बजे शुरू हो जाएगी। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के अलावा बैठक में अनुबंध कार्यकाल तीन से दो वर्ष होने की भी घोषणा तय मानी जा रही है। इसके अलावा इस बैठक में कर्मचारियों के लिए डीए की घोषणा भी हो सकती है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल में बड़ा तबादला: हाईकोर्ट ने 45 न्यायिक अधिकारियों को किया इधर-उधर, देखें डीटेल

जयराम सरकार के लगभग चार साल के कार्यकाल में जेसीसी की पहली बार बैठक हो रही है। सरकार ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अश्वनी टीम को मान्यता दी है। मान्यता देने के बाद से ही जेसीसी करवाने के लिए कसरत शुरू हो गई थी। ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों को कितना खुश कर पाती है। 

दो सौ से अधिक कर्मचारी नेता जुटेंगे शिमला

बैठक में महासंघ के प्रदेश भर से दो सौ से अधिक डेलीगेट आएंगे। इसके अलावा करीब 50 अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। सचिवालय में जगह कम होने के कारण एक साथ इतने कर्मचारी नेता बुलाने संभव नहीं लग रहे थे। इसलिए स्थान बदला गया है। 

ये हैं प्रमुख मांगें

  • -नए वित्त आयोग की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू की जाएं, मांग पत्र में पंजाब के छठे वेतन वेतन आयोग की जगह केंद्र की तर्ज पर सातवां वेतनमान और भत्ते लागू करने की मांग उठाई है।
  • -ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाए।
  • -नियमितीकरण के लिए अनुबंध कार्यकाल तीन वर्ष से दो वर्ष किया जाए।
  • -4-9-14 यानी टाइम स्केल बहाल किया जाए।
  • -अनुबंध से नियमित होने के बाद दो साल तक हायर ग्रेड, पे बैंड न मिलने की शर्त हटाई जाए।
  • -अधीक्षक ग्रेड वन का पदनाम अनुभाग अधिकारी रखा जाए।
  • -करुणामूलक आधार पर नौकरियां देने के लिए आय सीमा बढ़ाई जाए।
  • -चालकों, क्लीनरों को 20 साल की बजाय 15 साल में विशेष इंक्रीमेंट दी जाए।
  • -सोसायटी में कार्यरत कर्मियों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाई जाए। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ