उपचुनाव में हार से सबक: कर्मचारियों को तोहफा देकर कमबैक करेगी BJP, ये है कर्जे भरा प्लान

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उपचुनाव में हार से सबक: कर्मचारियों को तोहफा देकर कमबैक करेगी BJP, ये है कर्जे भरा प्लान


शिमला।
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए चार सीटों के उपचुनाव में सूबे की सत्तासीन पार्टी बीजेपी को कांग्रेस के हाथों मुंह की खानी पड़ी है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को मिली इस हार ने पार्टी और सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। 

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कोरोना काल के दौरान अर्थव्यवस्था का बुरा दौर देख चुकी सूबे की जयराम सरकार अब अगले साल के चुनावों के लिए खुद को तैयार करने में जुट गई है और मतदाताओं को लुभाने के लिए अपना कमबैक भी प्लान कर रही है। इसी कड़ी में बताया जा रहा है प्रदेश सरकार सूबे के सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देकर एक बड़े वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी। 

सरकारी कर्मचारियों का सरकार बनाने में होता है बड़ा योगदान 

जैसा कि सबको इस बात का पता है कि हमेशा से प्रदेश का सरकारी कर्मचारी जिस दल को वोट देता है, वह ही सरकार बनाता है। ऐसे में जयराम सरकार कर्ज के बोझ तले दबे होने के बावजूद 2000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर्ज लेकर इन सरकारी कर्मचारियों को लुभाने का प्रयास करने जा रही है। 

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गौरतलब है कि जयराम सरकार का चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले कर्मचारियों के लिए जेसीसी बैठक बुलाई गई है। वहीं, सरकार भी कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के लिए मन बना चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि कर्मचारियों को वेतन आयोग की सिफारिशों के लिहाज से लाभ देने के लिए सरकार यह कर्ज लेने वाली है। 

जेसीसी की मीटिंग में यह रहेंगे कर्मियों के मुख्य एजेंडे 

वहीं, सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी सरकार पर भारी ना पड़े। इसलिए सूबे के सीएम जयराम ठाकुर ने जेसीसी की मीटिंग के लिए पहल की है। बता दें कि जेसीसी की मीटिंग 27 नवंबर को शिमला में होगी। कर्मचारियों ने इस मीटिंग के लिए 64 मांगों का एजेंडा तैयार किया है।

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इस बीच हिमाचल में सरकारी कर्मियों के प्रतिनिधि संगठन हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने स्पष्ट किया है कि इस मीटिंग में एनपीएस, अनुबंध सेवाकाल, आउटसोर्स कर्मचारियों के मसले सहित वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने पर कोई निर्णायक फैसला होना ही चाहिए।

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