पाकिस्तान के सलीम कुरेशी को शिमला में मिला पुश्तैनी घर, खोजने के लिए चुना ये तरीका

Ticker

6/recent/ticker-posts

पाकिस्तान के सलीम कुरेशी को शिमला में मिला पुश्तैनी घर, खोजने के लिए चुना ये तरीका

शिमलाः देश के विभाजन के बाद कई लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ा था। उन में से ही एक थे शिमला के रहने वाले सलीम कुरैशी। जिन्होंने ऑनलाइन क्लब के माध्यम से करीब 75 साल बाद शिमला स्थित अपने पुश्तैनी घर को ढूंढ निकाला। 

ऐसे मिला घर:

इस दौरान वे वीडियो कॉल के जरिए अपने घर व आसपास के इलाके को देखकर भावुक हो उठे। उन्होंने अपने घर की पुरानी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की। बता दें कि सोशल मीडिया पर इंडिया-पाकिस्तान हिरटेज नाम से एक ऑनलाइन क्लब पर पाकिस्तान निवासी 88 वर्षीय सलीम कुरैशी ने 10 नवंबर को एक पोस्ट शेयर की थी। 

जिसमें उन्होंने शिमला स्थित अपने घर में भाईयों के साथ ली गई विभाजन से पहले की तस्वीर को शेयर किया था।सलीम कुरैशी ने इस पोस्ट में लिखा कि वह सन् 1933 में शिमला में पैदा हुए थे और उनके पिता सेना में तैनात थे।

यह भी पढ़ें: हिमाचलः बारातियों से भरी कार 150 फीट गहरी खाई में गिरी, तेज आवाज सुन स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे

उन्होंने राजधानी शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से शुरूआती पढाई भी की है। उन्होंने कहा कि वे यहां स्थित कई जगहों के नाम भी जानते हैं जहां उनका अपने दोस्तों के साथ आना-जाना होता था। 

बोले शिमला लौटना पंसद करूंगा:

इस बीच उन्होंने शिमला स्थित अपने घर का जिक्र किया जहां वह किराएदार थे। अपने जीवन के आखिरी समय में उन्होंने अपने पुश्तैनी घर को देखने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने लिखा -वह अपना यह घर देखना चाहते हैं। साथ ही लिखा कि शिमला लौटना पसंद करूंगा।

कुरैशी द्वारा शेयर की गई पोस्ट पर उन्हें कई जवाब मिले। पर जो सबसे मार्मिक जवाब आया वो था मोहित बग्गा का। कुरैशी कहते हैं कि बग्गा ने उन्हें आश्वाशन दिया कि वे उन्हें इस घर की तस्वीर भेजेंगे। 

जाखू में पीसी चैंबर पर मिला घरः

इस दौरान छोटा शिमला के न्यू फ्लावरडेल के रहने वाले मोहित बग्गा घर की तलाश में निकल पड़े। उन्हें तस्वीर वाला घर जाखू में पीसी चैंबर के पास मिला। 

यह भी पढ़ें: हिमाचलः जी भर कर पीया शराब, रात भर नाले में पड़ा रहा; सुबह तक सांसे थमी; नहीं हो रही पहचान

बग्गा ने करीब 15 मिनट तक वीडियो कॉल कर सलीम कुरैशी को उनका घर दिखाया साथ ही आसपास के रास्ते व सड़कें भी दिखाईं। यह नजारा देखकर कुरैशी भावुक हो उठे। वे कहते हैं कि शिमला में सब बदल गया है। जहां रास्ते नहीं थे वहां सड़कें बन गई हैं।

इमरान विलियाम ने की थी शुरुआत:

गौरतलब है कि इस FB पेज की शुरूआत पाकिस्तानी नागरिक इमरान विलियम ने की थी। इसका मुख्य मकसद यही था कि दशकों बाद दोनों देशों के नागरिक अपनी यादों को ताजा कर सकें साथ ही आपस में रिश्तों में मिठास भी ला सकें।

Post a Comment

0 Comments