कांस्टेबल वेतनमान मामला: रिपोर्ट सौंपने वाली कमेटी के सदस्यों में ठनी, जानें क्या है वजह

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कांस्टेबल वेतनमान मामला: रिपोर्ट सौंपने वाली कमेटी के सदस्यों में ठनी, जानें क्या है वजह


शिमला।
हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई JCC बैठक के बाद से ही प्रदेश भर में हिमाचल पुलिस कांस्टेबल के वेतनमान का मसला गर्माया हुआ है। 

इसी सब के बीच प्रदेश सरकार संशोधित वेतनमान के लिए आठ साल के फेर फंसे इन पुलिसकर्मियों के मसले को सुलझाने के लिए अपने स्तर पर प्रयासरत है। 

एक सदस्य ने अलग से तैयार की रिपोर्ट 

इस सब के बीच एक परेशान करने वाली खबर यह सामने आ रही ही कि इस पूरे मसले को सुलझाने के लिए डीजीपी संजय कुंडू द्वारा गठित की गई रिपोर्ट सौंपने वाली कमेटी के सदस्यों के बीच ही ठन गई है। 

सूत्रों द्वारा इस संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार कमेटी के एक सदस्य आइजी रैंक के तीन अधिकारियों की राय से सहमत नहीं है। उन्होंने अलग से स्टैंड लिया है। वह मसले को सुलझाने के पक्षधर हैं। 

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बताया जा रहा है कि सदस्य होने की वजह से उन्होंने अलग से रिपोर्ट तैयार की है। बता दें कि उक्त अधिकारी वित्त एवं लेखा मामलों के भी माहिर हैं। इस कारण उन्होंने कथित तौर पर थोंपी बात को मानने से इंकार किया है। हालांकि कमेटी का कोई भी अधिकारी इस मामले पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं। अब आइजी सीटीएस पूरी रिपोर्ट कंपाइल कर रहे हैं।

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गौरतलब है कि रिपोर्ट्स सौंपने के लिए कमेटी को एक हफ्ते का समय दिया गया था। इस कमेटी ने एक हफ्ते के अंदर डीजीपी को रिपोर्ट सौंपनी थी। विदित है कि डीजीपी संजय कुंडू प्रभावित पुलिस कर्मी के मामले की सरकार के पास पहले भी पैरवी कर चुके हैं, लेकिन उनके प्रस्ताव को सरकार के स्तर पर अस्वीकार कर दिया था।

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