विधानसभा में ऐलान: सरकार जल्द लाएगी करुणामूलक और आउटसोर्स कर्मियों नियुक्तियों के लिए नई नीति

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

विधानसभा में ऐलान: सरकार जल्द लाएगी करुणामूलक और आउटसोर्स कर्मियों नियुक्तियों के लिए नई नीति

धर्मशाला: हिमाचल सरकार जल्द ही आउटसोर्स कर्मियों और करुणामूलक नियुक्तियों के लिए नई नीति लाने जा रही है। इसकी जानकारी जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने प्रदेश के धर्मशाला विधानसभा में दी।

मंत्री ने दी ये जानकारी:

बता दें कि आज सदन में आउटसोर्स कर्मियों और करुणामूलक नियुक्तियों को लेकर विपक्ष के हंगामे करने के बाद वॉकआउट कर गई। जिसके बाद जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने विपक्ष पर कड़ी नाराजगी जताई।

यह भी पढ़ें: दो दिन में चौथी बार बदली कैबिनेट मीटिंग की तारीख; छठा वेतनमान और जेसीसी बैठक का दवाब या ....

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने करुणामूलक आधार पर करीब 900 लोगों को नियुक्तियां दी हैं। आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने 58 साल की आयु तक करुणामूलक आधार पर नियुक्ति के नियम में बदलाव कर उसे घटाकर 50 साल कर दिया था। वर्तमान सरकार ने इसे 58 साल किया। 

जल्द आएगी नई नीति:

सरकार ने प्रावधान किया कि अगर सेवानिवृत्ति के दिन भी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार के व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि आउटसोर्स की प्रवृत्ति को 2012 से 17 के दौरान शुरू किया गया। सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए ही कैबिनेट सब कमेटी गठित की है। इसका काम लगभग पूरा हो गया है। 

जल्द इन कर्मियों के लिए नई पॉलिसी कैबिनेट के सामने रखी जाएगी। लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकारी तंत्र के विस्तार की वजह से कर्मचारियों की भर्ती जरूरी है। कहा कि पिछले 4 साल में सरकार ने इसी वजह से हजारों भर्तियां की हैं।

विपक्ष पर बोला हमला:

विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार में तो चिट से भर्ती हुआ करती थी। जिनकी आदत में सिर्फ विरोध करना है, वही लोग सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद कर रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान ज्वलंत मुद्दे उठाए जाते हैं, लेकिन विपक्ष प्रश्नकाल के दौरान ही बाहर रहता है। 

यह भी पढ़ें: कई जिलों में होगी बारिश और बर्फबारी: इन दो दिनों के लिए अलर्ट, जानें डिटेल्स

नियम 67 को भी विपक्ष ने कचरा बना दिया है, जबकि पीठ ने नियमों का हवाला देकर स्पष्ट किया कि एक ही साथ चार विषय पर चर्चा नहीं मांगी जा सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ