हिमाचल की बेटी: एम्स परिक्षा में 336 वीं रैंक, नर्सिंग ऑफिसर बनने के बाद दिया सफलता का मंत्र

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हिमाचल की बेटी: एम्स परिक्षा में 336 वीं रैंक, नर्सिंग ऑफिसर बनने के बाद दिया सफलता का मंत्र


ऊनाः
हिमाचल प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए अपने इलाके सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसा ही कर दिखाया है ऊना जिले के तहत पड़ते नगर परिषद मेहतपुर-बसदेहड़ा से ताल्लुक रखने वाली शिवानी मिन्हास ने। 

बता दें कि 20 नवंबर 2021 में हुई ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (एम्स) की परिक्षा को पास कर नर्सिंग ऑफिसर बनी हैं। शिवानी ने परिक्षा में  99.66 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे देश भर में 336 वां स्थान हासिल किया है।  

रोजाना 8 से 10 घंटे तैयारी 

शिवानी ने नॉर्थ जोन की नर्सिंग ऑफिसर रिक्रूटमेंट कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट 2021 की परिक्षा को पहली ही बार में पास कर अपने माता पिता सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मिली जानकारी के मुताबिक शिवानी के पिता सुरेश कुमार मिन्हास किसान तो माता गृहणी हैं। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए शिवानी ने बताया कि नर्सिंग की पढ़ाई करते हुए तृतीय वर्ष से ही इस परिक्षा की पढ़ाई को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। 

शिवानी ने बताया नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ रोजाना 8 से 10 घंटे तैयारी की। 

इसके साथ-साथ राजस्थान स्थित जोधपुर की एक निजी अकादमी से ऑनलाइन कोचिंग प्राप्त की। शिवानी कहती हैं -मुझे पहले दिन से ही विश्वास था कि मैं यह टेस्ट अवश्य पास करूंगी। मेरे मन में इस टेस्ट को लेकर कभी कोई डर का माहौल नहीं रहा।

नहीं किया कभी घर का काम-

शिवानी कहती हैं कि मेरे माता-पिता ने कभी भी मुझे घर का काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। उन्होंने हमेशा मुझे पढ़ने के लिए ही प्रेरित किया। 

यहां तक की परीक्षा पास करने के बाद उनके मन में मुझे विदेश भेजने का विचार भी आया था, लेकिन मैंने इस पेशे को प्राथमिकता देते हुए परीक्षा की तैयारी आरंभ की। 

शिवानी कहती हैं कि उसे आज भी खाना बनाना नहीं आता, इस वजह से उसे एक प्राइवेट जॉब भी छोड़नी पड़ी थी।

ऋषिकेश एम्स में देना चाहती हैं सेवांए-

शिवानी मिन्हास ने बताया कि उसकी पहली पंसद उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एम्स में अपनी सेवाएं देने की रहेगी। उसने बताया कि वहां पर मुझे इस क्षेत्र में और अधिक सीखने को मिलेगा। 

उसने बताया कि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अभी एम्स पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुआ है, इसलिए वह ऋषिकेश में सेवाएं देना चाहेंगी।

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