हिमाचलः 14 साल की उम्र में हो गई थी दिव्यांग- तब से ना मिली व्हील चेयर, ना बना रास्ता

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हिमाचलः 14 साल की उम्र में हो गई थी दिव्यांग- तब से ना मिली व्हील चेयर, ना बना रास्ता


हमीरपुरः
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। परंतु ये सुविधाएं उन्हें मिल पा रही है या नहीं ये सवाल सबसे अहम है। इसी कड़ी में ताजा मामला प्रदेश के हमीरपुर व बिलासपुर जिले की सीमा पर पड़ते घंडालवीं गांव से रिपोर्ट हुआ है। 

घर से 150 मीटर दूर है मुख्य मार्ग 

मिली जानकारी के मुताबिक घंडालवीं गांव की रहने वाली पिंगला देवी 14 साल की उम्र में ही अपाहिज हो गई थीं। जब तक उनके माता-पिता जीवित थे तब तक तो उन्होंने अपनी बेटी का ध्यान रख लिया परंतु अब उनके चले जाने के बाद उन्हें खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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बता दें कि पिंगला देवी चार कदम भी ठीक से नहीं चल पाती हैं और उनके घर से मुख्य मार्ग करीब 150 मीटर तक दूरी पर स्थित है। इतना ही नहीं सड़क तक जाने वाला मार्ग भी काफी संकरा है। जहां से गुजरना उनके लिए काफी मुश्किल भरा है।

व्हीलचेयर और थ्री व्हील व्हीकल की व्यवस्था हो 

इसके लिए उन्होंने सरकार व सीएम हेलपलाइन नंबर पर संपर्क कर रास्ता बनाने व उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध करवाने को भी कह चुकी हैं। परंतु अभी तक सरकार की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। वे यूं ही अपना जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं।    

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हालांकि, सरकार की ओर से उन्हें दिव्यांगता पेंशन उपलब्ध करवाई जा रही है, लेकिन अगर एक अकेली महिला हो वो भी अपाहिज तो उनके लिए सब काम करने में कितनी दिक्कत आ सकती है। इस बात का अंदाजा शायद ही कोई लगा सकता है। यदि वे कभी बीमार हो जाती हैं तो वे कैसे दवाई लेने जा पाएंगी। पहले तो वह सब काम कर लेती थी परंतु अब उम्र बढ़ने के साथ-साथ उनके काम करने की क्षमता भी घट गई है।

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पिगंला देवी ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है कि वह उनके लिए व्हीलचेयर और थ्री व्हील व्हीकल की व्यवस्था की जाए ताकि वह अपना जीवन सरल तरीके से जी सके।

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