जयराम कैबिनेट: सरकारी खजाने पर सालाना 4000 करोड़ अतिरिक्त बोझ, वेतनमान से जुड़ी अहम् बातें

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जयराम कैबिनेट: सरकारी खजाने पर सालाना 4000 करोड़ अतिरिक्त बोझ, वेतनमान से जुड़ी अहम् बातें


शिमला।
हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक का आयोजन राजधानी शिमला में किया गया। करीब साढ़े तीन बजे से जारी बैठक में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर शामिल नहीं हुए हैं। पता चला है कि स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से बैठक में भाग नहीं ले पा रहे हैं। 

उधर, बैठक के दौरान करीब पांचे बजे कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा बैठक को छोड़ बीच में ही चले गए। उनके निकटस्‍थ सूत्रों के अनुसार, मारकंडा को अपने विधानसभा क्षेत्र जाना था।

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अभी तक इस बैठक में सूबे के लाखों कर्मचारियों के नए वेतनमान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने छठे वेतन आयोग को लागू करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। अब प्रदेश के करीब पांच लाख कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को इसका लाभ मिलेगा। 

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कैबिनेट ने राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। कर्मचारियों को जनवरी 2022 का वेतन फरवरी में संशोधित वेतनमान के अनुसार दिया जाएगा। अनुबंध कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।

1.90 लाख पेंशनरों को भी लाभ मिलेगा

इस फैसले से राज्य सरकार के खजाने पर सालाना 4000 करोड़ रुपए अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार कर्मचारियों को पहले ही करीब 5000 करोड़ रुपए अंतरिम राहत के तौर पर जारी कर चुकी है। संशोधित वेतनमान के बाद के लगभग 1,05,000 एनपीएस कर्मचारियों के उच्च निर्धारण के कारण एनपीएस के तहत छह साल के बकाया के रूप में सरकार के योगदान के रूप में 260 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस फैसले का 1.90 लाख पेंशनरों को भी लाभ मिलेगा। 

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गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी एक बड़ा समूह हैं जिनका सरकार पर प्रभाव रहता आया है। यह मांग 2016 से चल रही थी। हालांकि संयुक्‍त सलाहकार समिति की बैठक में कई अन्‍य मांगों पर भी संवाद हुआ था। कर्मचारियों को आशा है कि वे मांगें भी पूरी होंगी। हालांकि सरकार पर वित्‍तीय बोझ बढ़ेगा किंतु चिरलंबित मांग को मानने का साहस प्रदेश सरकार ने कर दिखाया है।

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