हिमाचल: महिला को चुनाव हारे 11 महीने बीते गए अब उठाई 'दोबारा मतगणना' की मांग, जानें क्यों

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हिमाचल: महिला को चुनाव हारे 11 महीने बीते गए अब उठाई 'दोबारा मतगणना' की मांग, जानें क्यों


शिमलाः
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद चुनाव की उम्मीदवार रही एक महिला द्वारा 11 महीने बाद दोबारा मतगणना करने की अपील की गई है। इस संबंध में महिला द्वारा डीसी कोर्ट में याचिका दर्ज करवाई गई है। मामला राजधानी शिमला के तहत पड़ते धामी हालोग का है। 

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मिली जानकारी के मुताबिक इस साल की शुरुआत में यानी जनवरी माह में राजधानी में जिला परिषद के चुनाव हुए थे, जिसकी मतगणना 22 जनवरी में हुई थी। इन चुनावों में धामी हालोग से प्रत्याशी रही अनिता शर्मा को उनके प्रतिद्वंद्वी से 201 वोटों से हार मिली थी। 

अनशन पर बैठ जाएंगी 

वहीं, अब 11 महीने बाद अनिता ने दोबारा मतगणना करने की मांग उठाई है इतना ही नहीं उनका कहना है कि यदि मतगणना नहीं हुई तो वे अनशन पर बैठ जाएंगी और इस दौरान उन्हें कुछ भी होता है तो इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। जानकारियों की मानें तो अनिता डायबिटीज की मरीज हैं और उनके लिए अनशन पर बैठना खतरे से खाली नहीं है।  

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अनिता का आरोप है कि तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर ने गीनती के वक्त उनके एजेंट को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश करने नहीं दिया। वे कहती हैं कि जिला परिषद उम्मीदवारों के एजेंट्स को भी बीसीसी की गणन के वक्त अंदर जाने की इजाजत देनी चाहिए थी, लेकिन उनके एजेंट को तब अंदर जाने ही नहीं दिया गया। 

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अनिता कहती हैं कि बीडीसी और जिला परिषद के वोट एक ही बॉक्स में थे। परंतु उनके एजेंट के अंदर जाने से पहले ही मतों के बंडल बना दिए गए गए थे। उनका आरोप है कि मतगणना में धांधली हुई है और वोटों की गीनती के समय कोई निजता नहीं रखी गई। जब वोटिंग हो रही थी तो हर कोई केंद्र में जा रहा था। 

जल्दबाजी में एक घंटे में ख़त्म कर दी मतगणना

इतना ही नहीं वे कहती हैं कि जिला परिषद के मतों की गणना जलदबाजी से निपटाते हुए एक ही घंटे में खत्म कर दी गई जबकि बीडीसी की मतगणना में कुल तीन घंटे का समय लगा था। उनका आरोप लगाया की गणना के समय एजेंट्स को बिना फॉर्म्स ही जाने दिया गया।

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हालांकि, अब उन्होंने दोबारा गणना करने की मांग की है इस संबंध में उन्होंने एक याजिका डीसी कोर्ट में भी दी है। उनका कहना है कि उनकी याजिका को कोर्ट में दर्ज तो किया गया परंतु अभी तक इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। उनका आरोप है प्रतिवादी पक्ष कई तरह के अडंगे लगा कर मामले को लटका रहे हैं, अगर ऐसा ही चलता रहा तो वे जल्द ही अनशन पर बैठेंगी।

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