15 दिन में बनकर तैयार हुआ था PM मोदी को भेंट किया त्रिशूल, चंबा थाल और ये खास तोहफे भी दिए

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

15 दिन में बनकर तैयार हुआ था PM मोदी को भेंट किया त्रिशूल, चंबा थाल और ये खास तोहफे भी दिए


मंडी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छोटी काशी की नाम से मशहूर शिवभूमि मंडी पहुंचे, जहां वे जयराम सरकार के कार्यकाल का चार वर्ष पूरा होने के जश्न में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी को भगवान शिव के त्रिशूल, पशमीना शाल, टोपी और चंबा थाल देकर सम्मानित किया गया। 

त्रिशूल लिए पीएम मोदी की यह तस्वीर भो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। भगवान शिव के 25 किलो भार वाले सात फीट लंबे इस त्रिशूल का निर्माण मंडी में ही करवाया गया था और इसे भेंट करने का सुझाव मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दिया था। इस त्रिशूल को पीतल से तैयार किया गया है और इसमें रुद्राक्ष की माला और डमरू भी साथ में है। कारीगरों को इसे बनाने में 20 दिन लगे थे। 

त्रिशूल मंच पर लाने वाले नेता भी 'त्रिलोक' 

इसको बनाने के दौरान धार्मिक मान्यताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। वहीं, जब मंच पर इसे भेंट किया गया तो इसे उठाकर लाने वाले नेताओं त्रिलोक जम्‍वाल और त्रिलोक कपूर के नाम भी भगवान शिव के नाम पर ही हैं। वहीं, मंच पर जैसे ही प्रधानमंत्री ने त्रिशूल हाथ में पकड़ा, पूरा पंडाल भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा।

पशमीना शाल व टोपी

पशमीना शाल मुख्यत: कश्मीर में तैयार की जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंडी की रैली में यही भेंट की गई। इसके साथ एक पहाड़ी टोपी मुख्यमंत्री ने पहनाई। पशमीना शाल की खासियत यह है कि इसे हाथों से बारीक कारीगिरी पारंपरिक तरीके व सजावट से बनाया जाता है। इसकी कीमत 50 हजार से तीन लाख रुपये तक रहती है।

जानिए चंबा थाल की विशेषता

पीतल पर हाथों से कलाकृतियां उकेर कर तैयार किए जाने वाला चंबा थाल अपने आप में खास है। यह तीन आकार व वजन में उपलब्ध है। इसका सबसे छोटा आकार 11 इंच तथा वजन चार सौ ग्राम तक होता है। मध्यम थाल 15 इंच तथा करीब आठ सौ ग्राम का होता है। जबकि, सबसे बड़ा थाल 23 इंच व पौने दो किलो तक का होता है। छोटे थाल की कीमत करीब 1400, मध्यम आकार की कीमत दो हजार तथा बड़े थाल की कीमत करीब तीन हजार रुपये तक होती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ